Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले NDA में सीटों को लेकर घमासान मचा हुआ है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक इंटरव्यू में कहा,
“जैसे सब्जी में नमक होता है वैसे ही मैं भी हूं.”
उनके इस बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. चिराग का दावा है कि उनकी पार्टी हर सीट पर 20 से 25 हजार वोटों पर असर डालती है.
NDA में क्या करना चाहते हैं चिराग पासवान?
चिराग पासवान इस बयान के जरिए NDA में अपनी अहमियत जताना चाहते हैं. कुछ रिपोर्ट्स की माने तो वह 40 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं. जबकि बीजेपी 25 सीट से ज्यादा देने को तैयार नहीं है. चिराग का इशारा साफ है कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो गठबंधन की सब्जी बिगड़ सकती है.
2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग की भूमिका
2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने अकेले 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी. हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पांच सीटों पर चुनाव लड़ा और सभी पर जीत दर्ज की थी. इस प्रदर्शन ने उनका मनोबल बढ़ाया और पार्टी के वोट शेयर में भी एक प्रतीशत की बढ़त देखी गई.
2025 विधानसभा चुनाव में सीटों की मांग
इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चिराग पासवान का कहना है,
“हमें सम्मानजनक सीटें चाहिए. मैं बिहार सरकार का हिस्सा नहीं हूं बल्कि सिर्फ समर्थन दे रहा हूं. मैं केंद्र में NDA का हिस्सा हूं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर उन्हें गठबंधन में असहज महसूस हुआ तो बाहर निकलने का विकल्प खुला है.”
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बीजेपी के लिए चिराग क्यों अहम ?
BJP के लिए चिराग पासवान और उनकी पार्टी इसलिए अहम है क्योंकि उन्हें समुदाय का समर्थन हासिल है जो बिहार की आबादी का करीब 6 प्रतिशत हिस्सा है. 2020 में LJP (R) ने अकेले चुनाव लड़कर 5.6 प्रतिशत वोट हासिल किए थे जिससे NDA को नुकसान हुआ था.
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-भारत एक्सप्रेस
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