Bharat Express DD Free Dish

बिहार की एकमात्र किन्नर प्रत्याशी को कितने वोट मिले? जानें भोरे सीट का रोमांचक मुकाबला

Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में NDA ने भारी बढ़त के साथ जीत हासिल की है. कई नेताओं के जीत हार की चर्चा हो रही है. ऐसे में हम आपको बताते हैं कि आखिर प्रदेश की एकमात्र किन्नर प्रत्याशी प्रीति किन्नर का क्या हुआ?

Bihar Election Result 2025 Transgender Candidate Preeti Kinnar Fights Hard on Bhore Seat Jan Suraj Prashan Kishor PK

Bihar Election Result 2025: बिहार चुनाव 2025 के परिणाम साफ हो गए हैं. NDA ने इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी जीत हासिल की है. कई नेताओं के जीत हार की चर्चा चर्चा हो रही है. इस बीच एक ऐसा प्रत्याशी चर्चा हो रही है जिसने जीत तो हासिल नहीं की लेकिन बिहार में अपनी तरह की अकेली प्रत्याशी बन गई हैं. हम बात कर रहे हैं भोरे सीट से जन सुराज प्रत्याशी प्रीति किन्नर की जिन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन दिया लेकिन जीत का स्वाद नहीं चख पाईं.

बिहार चुनाव के ऐलान के बाद जब जन सुराज ने भोरे सीट से प्रीती किन्नर को टिकट दी थी तो उन्हें भी उम्मीद थी कि वह जीत जाएंगी. हालांकि, NDA की लहर में उनके हाथ कुछ नहीं मिला. उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी JDU के सुनील कुमार और CPIML के धनंजय को कड़ी टक्कर दी.

देखिए भोरे सीट का चुनाव परिणाम

उम्मीदवार दल का नाम वोट प्रतिशत
धनंजय CPI (ML) 85306 40.03
धर्मेन्द्र कुमार राम आम आदमी पार्टी 4095 1.92
सुनील कुमार जनता दल (U) 101469 47.61
सुरेन्द्र कुमार राम बहुजन समाज पार्टी 6132 2.88
प्रीति किनर जन सुराज पार्टी 8602 4.04
Nota Nota 7517 3.53

बिहार में जन सुराज का हाल

बिहार विधानसभा चुनाव में RJD वोट के मामले में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है. हालांकि, पूरे चुनाव में सबसे अधिक चर्चा में रहे प्रशांत किशोर यानी PK और उनके पार्टी जनसुराज कही नजर नहीं आ रही है. उनकी पार्टी को फिलहाल एक सीट पर जीत नहीं पाई. इतना ही नहीं उन्हें अभी तक इतने वोट भी नहीं मिले कि इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर उनका नाम भी आ पाए. वहीं कभी उनकी क्लाइंट रही आम आदमी पार्टी उनसे आगे निकल गई है. मतलब साफ है कि बिहार में जन सुराज को Nota से भी कम वोट मिले हैं.

ये भी पढ़ें: बिहार के ‘माथे का तिलक’ बना 2025 का चुनाव, मौतों के दौर से गांधी के मार्ग तक..; कैसे बदली लोकतंत्र की तस्वीर?

बिहार में बदल रही है लोकतंत्र की तस्वीर (Bihar election transparency)

1951 में बिहार विधानसभा चुनाव में जहां केवल 42.6% मतदान हुआ था, वहीं अब यह बढ़कर 66.91% तक पहुंच गया है. यह न सिर्फ मतदान का आंकड़ा है, बल्कि बिहार के नागरिकों की लोकतांत्रिक परिपक्वता और राजनीतिक जागरूकता का प्रमाण भी है. यह चुनाव न सिर्फ आंकड़ों के लिहाज से रिकॉर्ड बना गया, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया कि बिहार की जनता लोकतंत्र की असली ताकत है. इन चुनावों ने देश के मजबूत सिस्टम को भी दिखाया है. इसमें जीरो रिपोल और जीरो क्राइम हुआ है. यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read