सफेद चावल से कितना बेहतर है काला चावल? जानिए सच्चाई
By Shubhra Rai
Badhta Bihar Conclave: भारत एक्सप्रेस के ‘बढ़ता बिहार’ कॉनक्लेव में बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद
Bharat Express Badhta Bihar Conclave: भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क की ओर से पटना में ‘बढ़ता बिहार’ कॉनक्लेव का आयोजन किया गया. इसमें बिहार के पूर्व डीजीपी और ‘सुपर 30’ की शुरुआत करने वाली शख्सियत अभयानंद भी शामिल हुए. उन्होंने बिहार में हुए बदलावों पर बात की.
पूर्व डीजीपी अभयानंद ने बिहार में पुलिस की कार्य प्रणाली और कानून व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि 2005 में जब हमें जिम्मा मिला तो हमने पहला ध्यान इस पर दिया कि कहीं घटना हो तो उसकी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए. चाहे संख्या अनंत हो जाए..क्योंकि बीमारी कितनी बड़ी है..ये जानकारी होनी चाहिए, तभी इलाज होता है.
पूर्व डीजीपी अभयानंद बोले— “बिहार में जितने दिनों तक मुझे औपचारिक रूप से या अनौपचारिक रूप से चार्ज मिला था..ये मैंने सुनिश्चित कराया था कि एफआईआर दर्ज हो. शुरूआती दौर में मेरे सामने जब एक पिटीशन आया. एक एसपी था जिले में..एक हरियाणा के एसपी आए और बोले कि आपने मेरे उूपर एक एफआईआर दर्ज करा दिया है..हमको तो पता ही नहीं है.”
अभयानंद बोले— “हुआ क्या था कि किसी को उन्होंने (हरियाणा के एसपी) एक थप्पड़ जोर से मार दिया था. हमने ये नहीं देखा कि आरोपी पुलिसवाला है..हमने कहा था कि पहले एफआईआर दर्ज हो. उनको लग रहा था कि यहां एफआईआर नाम देखकर दर्ज होता होगा. एसपी साहब हैं तो एफआईआर नहीं दर्ज होगी. हमने उन्हें जवाब दिया कि घटना हुई तो एफआईआर होगी. इसको कहते हैं कानून का राज..जो हमारे समय में बिहार में देखा गया.”
फोटो— भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के डायरेक्टर और ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्याम राय ने पूर्व डीजीपी अभयानंद को सम्मानित किया.
अभयानंद ने कहा— “मेरे विचार से शिक्षा वही है जो छोटे बच्चे को तर्क करना सिखा दे. ऐसा ही क्यों हुआ वैसा क्यों नहीं हुआ…बच्चा रीजन आउट करना सीख लेता है तो मान लीजिए कि शिक्षा मिल रही है..और उसके लिए बड़ा बिल्डिंग होना जरूरी नहीं है. उसके लिए पोशाक भी होना जरूरी नहीं है. खाना तो खा ही लेते हैं बच्चे..शिक्षा व्यवस्था ऐसी हो कि उसको सोचने के लिए विवश कर दिया जाए!”
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मुफलिसी में जिंदगी बिता रहे सैकड़ों होनहार बच्चों को सही दिशा दिखाकर IIT पहुंचाने वाली ‘सुपर 30’ पर बोलते हुए अभयानंद ने कहा— “सुपर 30 एक प्रोग्राम था. इसमें कोई बड़ा गेम प्लान मेरे पास नहीं था. उसके लिए आनंद कुमार ने भी बहुत मेहनत की.”
बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद ने बिहार से सबसे ज्यादा आईएएस मिलने के सवाल पर कहा कि यह धारणा नहीं, नैरेटिव है कि बिहार में सबसे ज्यादा आईएएस निकलते हैं. मैंने हमेशा कहा कि शिक्षा प्रणाली को बेहतर किया जाए. पूर्व डीजी अभयानंद ने कहा— “मैं बच्चों को सरकारी नौकरी के बजाए प्राइवेट नौकरी को प्राथमिकता देने को कहता हूं.”
— भारत एक्सप्रेस
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