Gaya Borewell Rescue: ‘मम्मी… मम्मी…’ जमीन के 30 फीट नीचे अंधेरे गड्ढे से आती 4 साले के मासूम आवाज ने हर किसी का कलेजा कंपा दिया था. ऊपर मां बदहवास रो रही थी, पूरा गांव घुटनों पर बैठकर भगवान से दुआ मांग रहा था और NDRF के जवान वक्त के खिलाफ एक बेहद मुश्किल जंग लड़ रहे थे. आखिरकार, सबकी दुआएं रंग लाईं और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 3 साल के मासूम पीयूष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
गहरे बोरवेल में घंटो फंसा रहा मासूम
यह मामला बिहार के गया जिले में फतेहपुर प्रखंड के गुरपा थाना क्षेत्र का है. रंगु नगर गांव में रहने वाले दिनेश मांझी का बेटा पीयूष मोबाइल हाथ में लिए खेल रहा था. पास ही उसकी मां खेत में पाइप बिछाने के काम में जुटी थीं. खेलते-खेलते पीयूष कब खेत के किनारे खुले पड़े एक बोरवेल के पास पहुंच गया, किसी को पता ही नहीं चला. अचानक बच्चे के रोने की आवाज आई, तो मां ने देखा कि वो 30 फीट गहराई में चला गया.
ऑक्सीजन की नली बनी सांसों का सहारा
फौरन ही पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चे की सांसें बचाए रखने की थी. तुरंत बोरवेल के अंदर ऑक्सीजन की पाइप डाली गई. इसके बाद NDRF की टीम ने मोर्चा संभाला. एक तरफ जेसीबी से समानांतर गड्ढा खोदा जाने लगा, तो दूसरी तरफ बच्चे की हर हरकत पर नजर रखी गई.
नम हो गईं सबकी आंखें
तकरीबन चार घंटे तक पूरा गांव सांसें रोके खड़ा रहा. जैसे ही रेस्क्यू टीम ने पीयूष को सुरक्षित गोद में उठाया, पूरे इलाके में तालियों की गूंज सुनाई दी. कई लोग खुशी के मारे रो पड़े. बाहर आते ही जवानों ने सबसे पहले सहमे और प्यासे बच्चे को पानी पिलाया. इसके बाद उसे तुरंत फतेहपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित घोषित किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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