Bihar News: बिहार की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है. राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने राज्य में सियासी हलचल बढ़ा दी है. इस यात्रा में दक्षिण भारत के दो बड़े नेता तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी ने माहौल को और तगड़ा बना दिया है. लेकिन बीजेपा और NDA नेताओं ने इसे बिहार का अपमान बताया है.
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का तीखा हमला
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा,
“राहुल और तेजस्वी जैसे राजनीतिक पर्यटक लोग बिहार की रफ्तार को रोकना चाहते हैं.”
वहीं उन्होंने स्टालिन को सनातन विरोधी बताते हुए कहा कि ऐसे नेताओं को बिहार बुलाना राज्य का अपमान है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये नेता जानबूझकर सुरक्षा घेरा तोड़ते हैं ताकि सरकार को बदनाम किया जा सके.
स्टालिन के खिलाफ आक्रोश मोर्चा
पटना में पसमांदा समाज की ओर से मुख्यमंत्री स्टालिन के खिलाफ आक्रोश मोर्चा भी निकाला गया था. इस आक्रोश मोर्चा में ‘स्टालिन गो बैक’ और ‘बिहार का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारे लगे. वहीं इस दौरान स्टालिन का पुतला भी फूंका गया.
बिहार सरकार में मंत्री ने क्या कहा?
मंत्री जनक राम ने कहा,
“कांग्रेस और आरजेडी की सरकारों ने लोकतंत्र को हाशिये पर पहुंचाया. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुछ नेताओं ने बिहारी समाज को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं जिन्हें अब बिहार में सम्मानित किया जा रहा है.
RLJP का सरकार पर हमला
इसी कड़ी में RLJP ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और कहा कि जनता का गुस्सा मंत्रियों पर फूट रहा है.
VIP अध्यक्ष मुकेश सहनी का आरोप
वहीं VIP पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि बीजेपी, RSS और चुनाव आयोग मिलकर वोट चोरी कर रहे हैं और लोकतंत्र को खतरे में डाल रहे हैं.
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कुल मिलाकर बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ अब वोटर भावनाओं की लड़ाई बन चुकी है जहां एक तरफ अधिकार की बात हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ स्वाभिमान और अपमान का मुद्दा गरमा गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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