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बिहार चुनाव से पहले नेताओं की किलेबंदी, सम्राट चौधरी को मिली Z+, तेजस्वी की भी बढ़ी सुरक्षा

बिहार में चुनावी माहौल के बीच नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को Z+ और ASL सुरक्षा मिली, तेजस्वी यादव को Z और पप्पू यादव को Y+ सुरक्षा दी गई.

Bihar Politics-बिहार चुनाव से पहले नेताओं की किलेबंदी, सम्राट चौधरी को मिली Z+, तेजस्वी की भी बढ़ी सुरक्षा

Bihar Politics: बिहार में सियासी गलियारों में इन दिनों सुरक्षा का मुद्दा गरम है. चुनावी मौसम नजदीक आते ही राज्य के कई बड़े नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इनमें डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं. साथ ही जदयू एमएलसी नीरज कुमार, बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू और प्रदीप कुमार सिंह की सुरक्षा में भी इजाफा किया गया है.

डिप्टी सीएम को मिली Z+ और ASL सुरक्षा

सबसे बड़ा बदलाव डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की सुरक्षा में किया गया है. अब उन्हें Z प्लस श्रेणी के साथ-साथ ASL यानी एडवांस सिक्योरिटी लाइजन भी मिल गई है.

यह व्यवस्था बेहद हाई-टेक और सख्त मानी जाती है, जिसमें पर्सनल बॉडीगार्ड, बुलेटप्रूफ गाड़ियां, सेफ हाउस और 24 घंटे निगरानी जैसे इंतजाम शामिल होते हैं.

इस बदलाव की असल वजह 26 जुलाई की रात मिली धमकी बताई जा रही है, जब उनके एक कार्यकर्ता के फोन पर संदेश आया, “24 घंटे के अंदर सम्राट चौधरी को गोली मार दूंगा.”हालांकि, सम्राट चौधरी ने इस धमकी को हल्के अंदाज में लिया और कहा, “जिसे धमकी देनी है, देने दीजिए.” लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने कोई जोखिम नहीं उठाया.

तेजस्वी और पप्पू यादव की सुरक्षा भी कड़ी

तेजस्वी यादव की सुरक्षा Y प्लस से बढ़ाकर अब Z श्रेणी कर दी गई है. चुनाव से पहले यह कदम उनके लिए काफी अहम माना जा रहा है. वहीं, पप्पू यादव को Y+ सुरक्षा दी गई है.

पप्पू यादव पहले भी कई बार कह चुके हैं कि उन्हें जान का खतरा है, खासकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग और कुछ स्थानीय गिरोहों से. उन्होंने इसको लेकर केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा था.

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क्या होती हैं सुरक्षा श्रेणियां?

भारत में सुरक्षा कई स्तरों में दी जाती है, X, Y, Y+, Z, Z+ और सबसे ऊपर SPG. X में सिर्फ 2 गार्ड होते हैं, जबकि Z+ में 36 जवान और NSG कमांडो तक तैनात रहते हैं.

ASL सुरक्षा इन श्रेणियों से भी उन्नत मानी जाती है, जिसमें तकनीकी साधनों और एडवांस प्लानिंग का इस्तेमाल होता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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