भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस चुनाव सीजन में बंगालियों को आकर्षित करने के लिए तैयार है. इसका मकसद उन प्रवासी बंगालियों से है जिनके पास अभी भी राज्य में वोट है और जो पार्टी के लिए वोट डालेंगे और बंगाली परंपरा और संस्कृति का सबसे अधिक सम्मान करते है.
संदेश स्पष्ट है – “एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत, पूरे देश में बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाया जा रहा है. दुर्गा पूजा राष्ट्रीय त्योहार है न कि केवल वोट बैंक. भाजपा संस्कृति के रक्षक के साथ जुड़ रही है न कि केवल मतदाताओं के साथ और तृणमूल कांग्रेस के भ्रष्टाचार ने बंगाल को नीचे की ओर धकेल दिया है.”
इसे लेकर भाजपा ने दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों से जुड़ने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है, जिसमें पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और सार्वजनिक व्याख्यान शामिल हैं.
20 से अधिक राज्यों में लोगों से जुड़ने का कार्यक्रम
भाजपा 20 से अधिक राज्यों और शहरों में बंगाली आबादी के साथ संपर्क करने की योजना बना रही है, जहां उनकी संख्या 25,000 से अधिक है. पार्टी का उद्देश्य बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को भारत के हर कोने में मनाना और तृणमूल कांग्रेस की खराब नीतियों के बारे में लोगों को जागरूक करना है.
इसके लिए 30 सितंबर तक प्रभावशाली बंगालियों के साथ चाय पे चरखा कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना बनाई है.भाजपा बंगाली हिंदू बस्तियों में भी आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है और 101 जिलों की पहचान करने का काम कर रही है जहां बंगाली हिंदू आबादी है.
भाजपा पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अपनी गतिविधियों को शुरू कर चुकी है. इसके लिए स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसमें स्थानीय मंत्री, सांसद और विधायक भाग लेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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