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पीएम विश्वकर्मा सम्मान योजना के जरिये कामगारों तक पहुंचेगी भाजपा, लोकसभा चुनाव में 80 सीटें जीतने के लिए सभी वर्गों तक पहुंचने का लक्ष्य

भाजपा ने अब पीएम विश्वकर्मा सम्मान योजना के तहत 18 जातियों तक पहुंचने की रणनीति बनायीं है. इसके लिए सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से दो-दो कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने का काम किया है.

Rohit Rai Edited by Rohit Rai

लोकसभा चुनाव में भाजपा हर वर्ग तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा की रणनीति है कि 80 सीटें तभी जीतेंगे जब भाजपा का हर कार्यकर्त्ता हर वर्ग के दरवाजे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना को पंहुचा पायेगी। भाजपा ने अब पीएम विश्वकर्मा सम्मान योजना के तहत 18 जातियों तक पहुंचने की रणनीति बनायीं है। भाजपा ने इसके लिए सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से दो-दो कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने का काम किया है। यह कार्यकर्ता विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को बताएँगे कि कैसे 18 जरियों के बीच पीएम विश्वकर्मा सम्मान योजना को पहुचायेंगे। 18 जातियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना का प्रचार प्रसार किया जायेगा। भाजपा ने रणनीति बनायीं है कि लोकसभा चुनाव में 80 सीटें तभी हासिल होंगी जब वोटों का प्रतिशत 60 हो और तह तभी संभव यह जब हर वर्ग के दरवाजे भाजपा का कार्यकर्त्ता पहुंचे और केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाएं। प्रशिक्षण कार्यक्रम मेँ केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल ने रणनीति को साझा किया.

18 जातियों तक पहुंचने का फार्मूला

पीएम विश्वकर्मा सम्मान योजना का लाभ कारपेंटर (बढ़ई), नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले,लोहार,ताला बनाने वाले ( मरम्मतकार), हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, सुनार,कुम्हार,मूर्तिकार,मोची,राज मिस्त्री,टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाले, पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले,नाई,मालाकार, धोबी, दर्जी, मछली का जाल बनाने वालों को मिल रहा है। अब उपलब्धियों का प्रचार और जिनको योजना का लाभ नहीं मिला उनको जागरूक करने का काम भाजपा के कार्यकर्त्ता करेंगे। सम्बंधित जाति से जुड़े पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी जिम्मेदारी दी गयी है।

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क्या है पीएम विश्वकर्मा सम्मान योजना

योजना से कौशल-तंत्र को राष्ट्र के कारीगरों की ज़रूरतों के अनुरूप ढाला जा रहा है। योजना से हर जिले के कुशल कारीगरों और कामगारों को प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहायता देकर उनके हुनर, कला और प्रतिभा को स्थापित किया जा रहा है। हर लाभार्थी को 15 हज़ार रुपए टूल-किट के लिये मिल रहे। पहले चरण में 5% की दर से एक लाख रुपए का कोलेटरल-फ्री ऋण, दूसरे चरण में तीन लाख रुपए का ऋण प्रावधान है। कारीगर की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना चाहिये। योजना का लाभ प्रत्येक परिवार के एक सदस्य तक ही सीमित रहेगा।

-भारत एक्सप्रेस



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