BRICS 2026: दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की ब्रिक्स प्रेसीडेंसी 2026 की आधिकारिक वेबसाइट और लोगो के लॉन्च में हिस्सा लिया. BRICS 2026 लोगो के लॉन्च पर एस. जयशंकर ने कहा कि यह थीम क्षमताएं मजबूत करने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और सभी के फायदे के लिए सस्टेनेबल डेवलपमेंट सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर देती है.
भारत BRICS 2026 की मेजबानी करेगा
ब्रिक्स अग्रणी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूह के बीच सहयोग का एक मंच है. ब्रिक्स में 10 देश शामिल हैं- ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस संघ, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात.
BRICS सम्मेलन हर साल होता है, और इसकी अध्यक्षता सदस्य देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, और नए सदस्य जैसे मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई, इंडोनेशिया) के बीच बारी-बारी से बदलती रहती है, जिसमें हर देश एक साल के लिए अध्यक्ष बनता है और शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है, जैसे भारत 2026 में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा.
BRICS एक रचनात्मक मंच है- एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने BRICS 2026 के लोगो लॉन्च में कहा, “भारत सस्टेनेबल डेवलपमेंट को समान महत्व देता है साथ ही इस रास्ते को आगे बढ़ाएगा. BRICS एक रचनात्मक मंच है. भारत की अध्यक्षता समावेशी, पीपुल ओरिएंटेड होगी.”
एस. जयशंकर ने आगे कहा, “भारत की अध्यक्षता की चार व्यापक प्राथमिकताएं- लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता. तीन मूलभूत स्तंभों में एक सुसंगत और संतुलित ढांचा प्रदान करेंगी.”
#WATCH | Delhi | At the launch of the BRICS 2026 logo, EAM Dr S Jaishankar says, “The theme underscores the importance of strengthening capacities, promoting innovation, and ensuring sustainable development for the benefit of all. The logo that we unveiled today reflects this… https://t.co/qdc2b008L9 pic.twitter.com/oxIAu53Nxg
— ANI (@ANI) January 13, 2026
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विदेश मंत्री ने बताया क्यों है खास
‘सहयोग’ और ‘स्थिरता’ को भी भारत समान महत्व देता है. वह जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और सतत विकास के रास्तों का समर्थन करने के लिए काम करेगा. यह सब निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से किया जाएगा. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया कई जटिल चुनौतियों का सामना कर रही है. ऐसे में एक मजबूत, समावेशी और प्रभावी बहुपक्षीय व्यवस्था की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है.
-भारत एक्सप्रेस
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