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Byju’s Insolvency Case: NCLAT के स्टे ऑर्डर को चुनौती देने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने BCCI के साथ Byju’s के समझौते को मंजूरी दी थी, जिससे उसकी इनसॉल्वेंसी की प्रक्रिया रुक गई. हालांकि, बाद में NCLAT के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी गई. अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट किसी दिन फैसला सुनाएगा.

Byjus Insolvency Cases
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

बायजूस इन्सॉल्वेंसी केस में सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुरक्षित रख लिया. दरअसल, अमेरिकी फर्म ग्लास ट्रस्ट कंपनी LLC ने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था.

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने IRP द्वारा लेनदारों की समिति की बैठक पर फिलहाल रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा है कि फैसला आने तक कोई अन्य बैठकें ना हो, और यथास्थिति बनाए रखें.

संवाददाता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली पीठ ने सभी पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. इससे पहले 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT का फैसला पलटते हुए बायजूस के खिलाफ इन्सॉल्वेंसी प्रोसेस को फिर से चालू कर दिया था.

राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने 2 अगस्त को BCCI-Byju’s के समझौते को अनुमति देते हुए शर्तों के साथ Byju’s के खिलाफ इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया रोक दी थी. इस समझौते के तहत Byju’s BCCI को 158 करोड़ रुपये चुकाए जाने पर सहमत हुई थी. एडटेक फर्म के मुताबिक, बायजू रवीन्द्रन के भाई BCCI का कर्ज चुकाने के लिए फंड दे रहे थे.

मामले की सुनवाई के दौरान BCCI की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने NCLAT के खिलाफ दायर याचिका का विरोध किया. सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा कि NCLAT के आदेश पर रोक लगाने से BCCI के सेटलमेंट खत्म हो जाएगा.

बता दें कि NCLAT ने BCCI के साथ Byju’s के समझौते को मंजूरी दी थी, जिससे उसकी इनसॉल्वेंसी की प्रक्रिया रुक गई. सेटलमेंट के मुताबिक, Byju’s को BCCI के साथ अपने बकाया का निपटान करना होगा, जिसका भुगतान 2 अगस्त और 9 अगस्त को देना तय किया गया था. NCLAT ने समझौते को मंजूरी देते हुए कहा था कि अगर तय समय के मुताबिक भुगतान नहीं किया गया तो दिवालिया प्रक्रिया (Insolvency Process) फिर से शुरू कर दी जाएगी.

— भारत एक्सप्रेस



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