CGPSC Scam Investigation: छत्तीसगढ़ में CGPSC (Public Service Commission) भर्ती घोटाले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है. इसी कड़ी में आज सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने रायपुर और भिलाई में पूर्व अधिकारियों के ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है.
छत्तीसगढ़ CGPSC भर्ती घोटाले में ED ने रायपुर और भिलाई में बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) के साथ पहुंची ईडी की टीम ने पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और पूर्व सचिव जेके ध्रुव के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा. पूर्व में हुई CBI जांच के बाद, अब ईडी की टीम मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं के एंगल से घर में मौजूद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों को खंगाल रही है.
सुबह 6 बजे इनोवा गाड़ियों से पहुंची टीम
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाले के सिलसिले में आज सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. सुबह करीब 6 बजे ईडी की टीम चार सफेद रंग की इनोवा वाहनों में सवार होकर इस्पात नगरी भिलाई पहुंची. इसके साथ ही रायपुर में भी जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई शुरू की. सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए स्थानीय पुलिस के बजाय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को तैनात किया गया है.
पूर्व परीक्षा नियंत्रक और पूर्व सचिव के घर दबिश
इस कार्रवाई के तहत रायपुर में CGPSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के निवास पर ED की टीम ने दबिश दी है, जहां सुबह से ही अधिकारी जांच-पड़ताल में जुटे हैं. वहीं दूसरी तरफ, भिलाई के सेक्टर-10, स्ट्रीट नंबर-44 स्थित पूर्व CGPSC सचिव जीवन किशोर ध्रुव (JK Dhruv) के निवास पर भी सुबह से छापेमारी की कार्रवाई जारी है. इस पूरी कार्रवाई में आधा दर्जन से अधिक ED अधिकारी शामिल हैं.
दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आधार पर जांच
जांच एजेंसी वर्तमान में जेके ध्रुव और आरती वासनिक के घरों के भीतर मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (जैसे मोबाइल और लैपटॉप) और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सभी रिकॉर्ड्स को बारीक से खंगाल रही है. घर से बाहर या अंदर किसी को भी आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.
मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से हो रही जांच
गौरतलब है कि CGPSC भर्ती घोटाले के इस मामले में पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) भी जेके ध्रुव के निवास पर छापेमारी कर चुकी है. सीबीआई की एफआईआर के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस पूरे मामले में हुए वित्तीय भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अनियमितताओं के पहलुओं की गहराई से जांच कर रहा है (CGPSC Scam Investigation).
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

