Chandrashekhar Azad Nagina Model: मुजफ्फरनगर/नीरज त्यागी: उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है. मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में आज़ाद समाज पार्टी (ASP) की ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ के पड़ाव के दौरान नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने एक ऐसा चुनावी मास्टरस्ट्रोक खेला है जिसने सूबे की सत्ताधारी पार्टी की धड़कनें बढ़ा दी हैं. चंद्रशेखर आज़ाद ने खुले मंच से ऐलान किया है कि उनकी पार्टी 2027 का चुनाव भारतीय जनता पार्टी के ‘गुजरात मॉडल’ की तर्ज पर अपने खुद के ‘नगीना मॉडल’ पर लड़ेगी, जहाँ सभी धर्मों का सम्मान होगा और गरीबों, किसानों व नौजवानों की सीधी सुनवाई होगी.
महिलाओं को साधने के लिए ‘महीना चौपाल’ (Chandrashekhar Azad Mahila Chaupal)
बुढ़ाना कस्बे में आयोजित इस यात्रा के दौरान एक विशेष ‘महिला चौपाल’ का आयोजन किया गया था. रैलियों की भीड़ से अलग, महिलाओं की बुनियादी समस्याओं को सुनने के लिए चंद्रशेखर आज़ाद खुद इस चौपाल में पहुंचे. उन्होंने कहा कि रैलियों में लोग आते हैं, देख भी लेते हैं, लेकिन महिलाओं की बैक-टू-गेदर समस्या सुनने का अवसर नहीं मिलता. पार्टी ने तय किया है कि इस यात्रा के दौरान जहां भी ठहराव होगा, वहां महिलाओं से सकारात्मक संवाद किया जाएगा. उनके जीवन में बदलाव से जुड़े 33 विषयों पर चर्चा कर एक बड़ा डेटा इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि पानी भराव, बिजली, अस्पताल, स्कूल और शराबबंदी जैसे मुद्दों का परमानेंट इलाज निकाला जा सके.
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कौन सा पेपर लीक नहीं हो रहा? (Chandrashekhar Azad Plan For 2027)
अपने संबोधन में चंद्रशेखर आज़ाद ने यूपी की कानून-व्यवस्था, पेपर लीक और निरंकुश प्रशासनिक तंत्र पर तीखा हमला बोला. उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा, “कौन सी भर्ती ऐसी है जिसका पेपर लीक न हो रहा हो? NET का पेपर देख लो, जीडी और पुलिस भर्ती का पेपर देख लो, यहाँ तक कि सीबीएसई और यूपी बोर्ड के पेपर लीक हो रहे हैं. आप बच्चों का भविष्य बंद कर रहे हैं.” उन्होंने मेरठ में राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी अनुष्का पाल हत्याकांड का जिक्र करते हुए कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए.
गाय माता और प्रीपेड मीटर पर घेरा
सांसद आज़ाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना कहा कि संतों का रंग पहनने से कोई संत नहीं होता, उसके लिए कर्म जरूरी हैं. उन्होंने याद दिलाया कि 2015 में गाय माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की बात करने वाले आज चुप हैं, क्योंकि उनकी सरकार कंपनियों से चंदा ले रही है और बीफ एक्सपोर्ट में आगे है. इसके अलावा उन्होंने बिजली की बढ़ती दरों और जनता पर थोपे जा रहे प्रीपेड मीटर (रीचार्ज खत्म-बिजली खत्म) को लेकर भी सरकार को ‘लुटेरा’ करार दिया.
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‘नगीना मॉडल’ बनाम ‘तानाशाही शासन’ (Chandrashekhar Azad Election Plan)
चंद्रशेखर आज़ाद ने आरोप लगाया कि उनकी यात्रा को रोकने के लिए प्रशासन ने बैनर फाड़े, परमिशन रोकी और लोगों को डराने का प्रयास किया, लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता अब मन बना चुकी है. उन्होंने अपने ‘नगीना मॉडल’ का विजन रखते हुए कहा कि इस मॉडल में जाति-धर्म के नाम पर अन्याय नहीं होगा और दफ्तरों में गरीबों की सुनवाई होगी. इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण पत्रकारों के लिए वेतन, पेंशन और सुरक्षा की पॉलिसी लाने का भी बड़ा वादा किया. अब देखना दिलचस्प होगा कि आज़ाद समाज पार्टी की यह ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ और उनका ‘नगीना मॉडल’ 2027 में यूपी की सत्ता का समीकरण कितना बदल पाता है.
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