Chhattisgarh Economic Survey 2026: छत्तीसगढ़ में सोमवार (23 फरवरी) से बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है. विधानसभा में बज सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई, जिसके बाद वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी (O. P. Choudhary) ने इकोनॉमिक सर्वे पेश किया. सर्वे को लेकर विपक्ष ने खूब हंगामा मचाया. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने सर्वे में दी गई जानकारी को जमीनी हकीकत से परे बताया है. हालांकि, ओ.पी. चौधरी कल यानी 24 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे.
आर्थिक सर्वे में क्या खास है?
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सोमवार को विधानसभा में राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया. उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत है और तेजी से आगे बढ़ रही है. सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.
सरकार के मुताबिक राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इसे विकास की दिशा में अच्छा संकेत माना जा रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं और निवेश के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में सकारात्मक असर दिख रहा है.
कृषि क्षेत्र में बढ़त
आर्थिक सर्वे के अनुसार 2025-26 में कृषि क्षेत्र में 12.53 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है. पिछले साल यानी 2024-25 में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 11.76 प्रतिशत रही थी. सरकार का कहना है कि किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और उत्पादन बढ़ाने वाली नीतियों का फायदा मिल रहा है.
उद्योग क्षेत्र की स्थिति
उद्योग क्षेत्र में 10.26 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया गया है. पिछले वर्ष यह वृद्धि 9.91 प्रतिशत थी. सरकार का दावा है कि औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे में सुधार की वजह से यह बढ़त संभव हुई है.
सेवा क्षेत्र में तेजी
सेवा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 13.15 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है. पिछले साल यह वृद्धि 10.08 प्रतिशत रही थी. आईटी, व्यापार और अन्य सेवा गतिविधियों के विस्तार को इसका मुख्य कारण बताया गया है.
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प्रति व्यक्ति आय में इजाफा
आर्थिक सर्वे के अनुसार स्थिर कीमतों पर राज्य की अर्थव्यवस्था में 8.11 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है. वहीं, 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,79,244 रुपये होने का अनुमान है, जो पिछले साल से करीब 10 प्रतिशत ज्यादा है.
विपक्ष ने उठाए सवाल
आर्थिक सर्वे पेश होते ही राजनीति भी गरमा गई. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि ये आंकड़े जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते. उन्होंने आरोप लगाया कि किसान अब भी परेशान हैं और सरकार सिर्फ आंकड़ों के सहारे तस्वीर बेहतर दिखाने की कोशिश कर रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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