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मरने से पहले मेहंदी से लिख गई दर्द की दास्तां, अब वही बनेगी इंसाफ की आखिरी गवाही

Chhindwara Preeti Verma case: छिंदवाड़ा में 32 वर्षीय प्रीति वर्मा की संदिग्ध मौत से पहले हाथों और पैरों पर मेहंदी से लिखे संदेश अब पुलिस जांच का अहम आधार बन गए हैं. परिजनों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और जबरन जहर पिलाने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और फोरेंसिक जांच के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है.

Chhindwara Preeti Verma case

Chhindwara Preeti Verma case

Chhindwara Preeti Verma case: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के चौरई थाना क्षेत्र के ग्राम चन्हियाखुर्द से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है. यहां 32 वर्षीय प्रीति वर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, महिला ने कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन किया था. हालांकि, मौत से पहले महिला ने अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी से कुछ संदेश लिखे थे, जिन्हें पुलिस अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है.

मेहंदी पर लिखे संदेश बने जांच का अहम आधार

पुलिस के अनुसार, जब महिला का अस्पताल में परीक्षण किया गया तो उसके हाथों और शरीर पर मेहंदी से लिखे कई संदेश मिले. शुरुआती जांच में इन संदेशों में कथित रूप से ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना और विवाद का उल्लेख मिला है. कोतवाली थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने बताया कि आगे की जांच के लिए केस डायरी चौरई थाने भेजी जा रही है. पुलिस इन लिखे गए संदेशों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी करा रही है, ताकि उन्हें तकनीकी साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा जा सके.

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतका की मां राजकुमारी जंघेला ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ लंबे समय से मारपीट की जा रही थी. उनका कहना है कि अस्पताल में होश आने पर प्रीति ने बताया था कि उसके साथ ईंट, पत्थर और लोहे की रॉड से हमला किया गया था, जिसके निशान उसकी पीठ पर मौजूद थे. परिजनों का यह भी आरोप है कि मारपीट के बाद उसे जबरन कीटनाशक पिलाया गया. वहीं, मृतका के भाई हरिओम जंघेला का कहना है कि उनकी बहन ने मेहंदी से लिखे संदेशों के जरिए अपनी पीड़ा और अपने साथ हुई कथित घटनाओं को बताने की कोशिश की.

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डाइंग डिक्लेरेशन नहीं हो सका दर्ज

पुलिस के मुताबिक, महिला की हालत बेहद गंभीर होने के कारण उसके मरणासन्न बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) दर्ज नहीं किए जा सके. बताया गया कि प्रीति की शादी करीब 13 वर्ष पहले हुई थी और उसकी 10 वर्षीय बेटी भी है. इस वजह से अब शरीर पर लिखे गए संदेश जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों, मेहंदी से लिखे संदेशों और परिजनों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है.

भारत एक्सप्रेस



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