राजस्थान के चूरू जिले के सादुलपुर कस्बे में स्थित एक ब्यूटी पार्लर में उस समय माहौल पूरी तरह बिगड़ गया, जब वहां काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने अपने ही पार्लर संचालक पर गंभीर आरोप लगा दिए. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि महिलाओं ने गुस्से में संचालक की चप्पलों से पिटाई कर दी. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
महिला कर्मचारियों का आरोप है कि पार्लर संचालक ने उनके पीने के पानी में कोई संदिग्ध पदार्थ मिलाने की कोशिश की. उनका कहना है कि पानी की स्थिति देखकर उन्हें शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने इस पर सवाल उठाए. आरोपों के मुताबिक, जब इस बारे में संचालक से जवाब मांगा गया तो मामला बहस से आगे बढ़कर हंगामे में बदल गया.
महिलाओं का कहना है कि उन्हें आशंका थी कि पानी में कोई नशीला पदार्थ मिलाया गया है. इसी शक के चलते उन्होंने संचालक का विरोध किया और मौके पर तनाव बढ़ गया.
गुस्से में महिलाओं ने की पिटाई
विवाद बढ़ने के बाद महिला कर्मचारियों ने कथित तौर पर संचालक को पकड़ लिया और चप्पलों से उसकी पिटाई कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटनाक्रम करीब छह मिनट तक चलता रहा. स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि इस दौरान संचालक को 43 बार चप्पल मारी गई. हालांकि, इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है. वीडियो सामने आने के बाद लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जबकि कई लोग पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं.
संचालक ने दी अपनी सफाई
महिला कर्मचारियों के आरोपों के बीच पार्लर संचालक ने भी अपना पक्ष रखा है. बताया जा रहा है कि उसने अपने बचाव में कहा कि उसने पानी में कोई नशीला पदार्थ नहीं मिलाया था. उसके अनुसार पानी में केवल पीली सरसों और गंगाजल डाला गया था. हालांकि, यह दावा सही है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है.
घटना के बाद महिला कर्मचारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल जांच का मुख्य विषय यही है कि पानी में वास्तव में क्या मिलाया गया था और क्या उसमें कोई नशीला या अन्य संदिग्ध पदार्थ मौजूद था.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना जांच पूरी हुए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. पानी के नमूनों, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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