फाइल फोटो
CJP JP Nadda Meeting: NEET पेपर लीक के खिलाफ उपजे छात्रों के प्रदर्शन की वजह से धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना पड़ा. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का एक डेलीगेशन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में मुलाकात की. दोनों पक्ष तीसरी बार मुलाकात की है.
केंद्र सरकार और सीजेपी के बीच यह बातचीत इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि यह धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद हो रहा है. बता दें कि, सीजेपी की तीन प्रमुख मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी था.
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि उन्होंने यह इस्तीफा इसलिए दिया है क्योंकि परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर चल रहे इस विरोध प्रदर्शन का फायदा देश विरोधी ताकतें ना उठा पाएं.
देश विरोधी ताकतों का नहीं होगा फायदा
उन्होंने लिखा,
जंतर-मंतर और देश में दूसरी जगहों पर जो हालात बने हैं, उनका फायदा देश विरोधी ताकतों को नहीं उठाना चाहिए. देश की एकता बनी रहनी चाहिए. भारत में हर स्टूडेंट का भविष्य कानूनी पचड़ों में नहीं फंसना चाहिए.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले लगभग 37 दिनों से पूरे देश में युवा धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की अगुवाई में 26 दिनों की भूख हड़ताल भी हुई.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का सीजेपी ने स्वागत किया है. सीजेपी नेता अभिजीत दिपके का कहना है कि जंतर-मंतर पर उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं.
झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिये
इस्तीफे के बाद समर्थकों को संबोधित करते हुए दिपके ने कहा,
कहा जाता था इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते. झुकती है दुनिया, झुकने वाला चाहिए. हमने कर दिया है.
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उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के किसी केंद्रीय मंत्री का पहला इस्तीफा बताया. इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्र जश्न मनाते और नारेजाबी करते दिखाई दिये.
-भारत एक्सप्रेस
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