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Kishtwar Cloudburst: जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से मची तबाही, अब तक 33 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता; पीएम मोदी ने जताया दुख

Kishtwar CloudBurst Today: किश्तवाड़ में बादल फटने से आई बाढ़ ने तबाही मचा दी. दर्जनों लोगों को जान गंवानी पड़ी, और सैकड़ों लोग लापता हो गए. 120 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं. पीएम मोदी ने राहत कार्यों को तेज करने के लिए कहा.

cloudburst in jammu kashmir

Cloudburst in Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आज बादल फट गए. इससे वहां अथाह बारिश हुई, पड्डर सब-डिवीजन में स्थित चशोटी गांव इस आपदा की चपेट में आ गया. गांव में जो लोग थे, उनमें से अधिकांश लापता हो गए. अब तक 33 लोगों की जान जाने की खबर आई है. घटना पर पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने दुख व्यक्त किया है.

जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के अंदर और बाहर से सभी संसाधन जुटाए जा रहे हैं, लेकिन प्रभावित क्षेत्र से जानकारी धीरे-धीरे सामने आ रही है. उमर के पिता और जेकेएनसी चीफ फारूक अब्दुल्ला ने पीएम मोदी से ग्लोबल वॉर्मिंग पर ध्यान देने की अपील की, जबकि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया.

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताई संवेदनाएं

इस घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी शोक व्यक्त किया है और बचाव कार्यों की सफलता की कामना की है. कुछ देर पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडिल X.com पर ट्वीट कर दुख जताया. उन्होंने कहा:- “किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. स्थिति पर नजर रखी जा रही है. बचाव और राहत कार्य जारी हैं. जरूरतमंदों को हर संभव मदद दी जाएगी.”

cloudburst
बादल फटने की प्रतीकात्मक तस्वीर.

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दोपहर करीब 12:30 बजे फटे बादल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, किश्तवाड़ जिले के पड्डर सब-डिवीजन में स्थित चशोटी गांव में बादल फटने की घटना 14 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 12:30 बजे घटी. यह इलाका मचैल माता मंदिर का शुरुआती पॉइंट है, जहां मचैल माता की यात्रा के लिए हजारों श्रद्धालु जुटे थे. बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और मलबे ने लंगर टेंट, दुकानें, वाहन और सड़कों को बहा दिया. मचैल माता की यात्रा 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलती है, और हादसा यात्रा के पहले पड़ाव पर हुआ, जिससे बड़ी संख्या में तीर्थयात्री प्रभावित हुए. अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में भारी बारिश और ठंडी हवाओं के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है.

मृतकों में CISF के जवान भी शामिल

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, पानी और मलबे की तेज धारा ने वहां मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में देखा जा सकता है कि स्थानीय लोग घायलों को सुरक्षित जगहों पर ले जा रहे हैं. वहीं, घटनास्‍थल से अब तक 33 शव बरामद होने की सूचना मिली है. जिनमें दो सीआईएसएफ जवान भी शामिल हैं. शुरुआती रिपोर्ट्स में 12-15 मौतों की बात थी, लेकिन जैसे-जैसे बचाव कार्य आगे बढ़ा, आंकड़ा बढ़ता गया.

मौतों की संख्या बढ़ने की आशंका

आपदा के दौरान सैकड़ों लोग घायल हुए हैं, जिनमें 37 की हालत गंभीर जा रही है. इनका इलाज किश्तवाड़ जिला अस्पताल और पड्डर के उप-जिला अस्पताल में चल रहा है. करीब 200 लोग अभी लापता हैं, और मौतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. डिप्टी कमिश्नर पंकज शर्मा ने कहा कि फ्लैश फ्लड ने पूरे गांव को आंशिक रूप से तबाह कर दिया. पास के पूंछ जिले में भी भारी बारिश से मेंढर नदी उफान पर है, जिससे सड़कें बाढ़ में डूब गईं.

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