Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

जामिया हमदर्द विवाद: नवनियुक्त रजिस्ट्रार कर्नल ताहिर मुस्तफा के लिए बड़ी चुनौती

Jamia Hamdard HIMSR: क्या नए रजिस्ट्रार के लिए जामिया हमदर्द का रास्ता आसान होगा? क्या यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस-पीजी कोर्सेज में प्रवेश हो पाएगा?

Jamia Hamdard HIMSR
Edited by Akansha

नई दिल्ली: भारतीय सेना के सेवारत अधिकारी कर्नल ताहिर मुस्तफा को जामिया हमदर्द का नया रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति शैक्षणिक नेतृत्व में प्रशासनिक कौशल और नैतिकता दोनों को समाहित करने की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाती है. हमदर्द समुदाय, शिक्षकों, छात्रों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों ने उनकी नियुक्ति का सकारात्मक स्वागत किया है.

कौन हैं कर्नल ताहिर मुस्तफा?

कर्नल ताहिर मुस्तफा एक अनुभवी प्रशासक और भारतीय सशस्त्र बलों के प्रतिभाशाली अधिकारी के रूप में विख्यात हैं. वह अपनी ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें शामिल हैं:

  • रक्षा मंत्रालय (सेना) के अंतर्गत सेंटर फॉर ऑटोमेटेड मिलिट्री सर्वे (CAMS) के निदेशक
  • अंतर्राष्ट्रीय सीमा निदेशालय के निदेशक
  • विदेश मंत्रालय में सीमा सेल के प्रमुख
  • एडीजी मिलिट्री सर्वे, नई दिल्ली में निदेशक (प्रशासन एवं प्रशिक्षण)
  • बिहार जियो-स्पेशल सेंटर, पटना के निदेशक

उन्हें 2007 में पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वी.के. सिंह द्वारा सिक्किम में टास्क फोर्स कमांडर के रूप में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया था. शैक्षणिक योग्यता के मामले में, उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक और मद्रास यूनिवर्सिटी से भूगोल में एम.एस.सी. की डिग्री प्राप्त की है.

जामिया हमदर्द का वर्तमान परिदृश्य

कर्नल मुस्तफा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब यूनिवर्सिटी को कई संस्थागत चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. विशेष रूप से, हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (HIMSR) से जुड़े विवादों ने संस्थान की छवि को धूमिल किया है.

199 मेडिकल सीटों पर प्रवेश क्यों नहीं?

NEET-UG 2025 काउंसलिंग के दौरान जामिया हमदर्द ने एमबीबीएस की 150 और पीजी मेडिकल की 49 सीटों पर प्रवेश न देने का निर्णय लिया है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसकी वजह HIMSR पर एक निजी पार्टी के नियंत्रण को बताया है. हालांकि, दूसरे पक्ष ने इस पर सवाल उठाते हुए यूनिवर्सिटी पर आरोप लगाए हैं.

CAG की रिपोर्ट में 813 करोड़ के घोटाले का खुलासा

CAG की ऑडिट रिपोर्ट में HIMSR और इससे जुड़े अस्पताल के लिए आवंटित 813 करोड़ रुपये के बजट में अनियमितताएं पाई गई हैं. रिपोर्ट के अनुसार, यह धनराशि UGC के नियमों के विपरीत हमदर्द एजुकेशन सोसाइटी को दी गई थी.

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने 21 जुलाई को अपने आदेश में इस साल एमबीबीएस और पीजी सीटों पर प्रवेश न देने का निर्णय सुनाया था. कोर्ट ने कानूनी जटिलताओं का हवाला देते हुए इस फैसले को उचित ठहराया.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

एक वरिष्ठ शिक्षक ने कहा, “कर्नल मुस्तफा का जीवन सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक मिशन है जो हमें प्रेरित करता है. वे हमें याद दिलाते हैं कि किसी भी यूनिवर्सिटी में साहस, पारदर्शिता और सेवा उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी किसी मिशन में.”

आगे की राह

कर्नल मुस्तफा के सामने मुख्य चुनौतियाँ होंगी:

  • HIMSR से जुड़े विवादों का समाधान
  • वित्तीय अनियमितताओं की जांच
  • छात्रों और शिक्षकों का विश्वास पुनर्स्थापित करना

उनकी नियुक्ति को यूनिवर्सिटी के लिए एक गेम-चेंजर माना जा रहा है. अब देखना यह है कि कैसे यह सैन्य अधिकारी संस्थान को स्थिरता और उत्कृष्टता की ओर ले जाता है.

— भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital