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गांधी परिवार से नजदीकी, आजादी के समय दान किया 47 किलो सोना… कुछ ऐसी है साहू परिवार की कहानी

Dhiraj Prasad Sahu: आयकर विभाग के कांग्रेस से राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के कई ठिकानों पर छापेमारी के बाद से बवाल मचा हुआ है. अभी तक उनके यहां से करोड़ों रुपये का कैश बरामद हो चुका है. इसके अलावा अभी भी नोटों की गिनती जारी है. आयकर विभाग के अधिकारियों ने साहू से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की. जानकारी के मुताबिक, अभी तक 290 करोड़ रुपये का कैश बरामद हो चुका है और अभी भी काउंटिंग जारी है. इसके अलावा भारी मात्रा में ज्वेलरी भी बरामद हुई है. इसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है.

चलिए अब आपको कांग्रेस सांसद धीरज प्रसाद सूाह के परिवार के बारे में विस्तार से बताते हैं कि उनका राजनीति की दुनिया से कब से जुड़ाव हैं और कांग्रेस पार्टी में उनका कितना दबदबा है.

इंदिरा गांधी के समय से जुड़ा है परिवार

धीरज प्रसाद साहू के परिवार का संबंध लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है. वह काफी शाही परिवार से आते हैं. उनका जन्म 23 नवंबर 1955 में झारखंड के रांची में हुआ था. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय में भी इनके पिता राय साहब बलदेव साहू और मां सुशीला देवी का काफी रसूख हुआ करता था. कहा जाता है कि चुनाव प्रचार के समय इंदिरा गांधी इनके यहां रुका करती थीं. इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद भी धीरज साहू के घर जाया करते थे. यहां तक की धीरज साहू के भाई शिव प्रसाद के जमाने में कांग्रेस के किसी भी विधायक या सांसद को चुनाव लड़ाने के टिकट की सिफारिश भी  इन्हीं के घर पर तय की जाती थी.

ऐसा भी बताया जाता है कि साहू परिवार इंदिरा गांधी के काफी करीब था. देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद आजादी से पहले और बाद भी उनके घर जाया करते थे. एक यह भी किस्सा है कि जब देश आजाद हुआ था तब धीरज साहू के पिता ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते लिए 47 किलो सोना दान कर दिया था.

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में खत्म हुआ CM पर सस्पेंस, विष्णुदेव साय होंगे नए मुख्यमंत्री

शराब का है कारोबार

राजनीति के अलावा इस साहू परिवार का व्यवसाय से भी जुड़ा हुआ है. परिवार को खास तौर पर कारोबार शराब से जुड़ा हुआ है. इनकी ज्यादातर कंपनियां ओडिशा में हैं. बता दें कि वहीं धीरज साहू तीसरी बार राज्यसभा सांसद बने हैं.

– भारत एक्सप्रेस

Rahul Singh

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