रिपोर्ट- रविन्द्र कुशवाह
दतिया में आज (रविवार) की रात जिस तरह की वारदात हुई, उसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में आने वाले राजगढ़-गोविंद गंज मार्ग पर बदमाशों ने बीच सड़क पर जिस दुस्साहस के साथ अंधाधुंध फायरिंग की, उसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं. इस गोलीबारी में सुरेंद्र यादव नाम के एक शख्स की जान चली गई, जबकि हमलावर असल में किसी और को निशाना बनाने आए थे.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना पुरानी रंजिश का नतीजा है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बदमाश पूरी तैयारी के साथ बाइक पर सवार होकर आए थे. उनके पास अवैध हथियार थे और उन्होंने बिना सोचे-समझे ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं. बताया जा रहा है कि हमलावरों का निशाना कोई और शख्स था, जो खुशकिस्मती से बच निकला, लेकिन उसके साथ मौजूद सुरेंद्र यादव इस हमले की चपेट में आ गए. गोली लगते ही सुरेंद्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
दिलचस्प और उलझा हुआ पहलू यह भी है कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मृतक सुरेंद्र यादव के खिलाफ भी पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज था, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह मामला दो गुटों के बीच की आपसी खींचतान का हो सकता है.
CCTV में कैद हुए हमलावर
वारदात के बाद से ही राजगढ़-गोविंद गंज मार्ग पर सन्नाटा पसरा हुआ है और स्थानीय लोगों में जबरदस्त खौफ है. पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें बदमाश बाइक पर आते और वारदात को अंजाम देकर रफूचक्कर होते साफ नजर आ रहे हैं.
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए 8 नामजद और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है. चर्चा है कि इस पूरी वारदात की स्क्रिप्ट या कहें कि साजिश विकास गिरी नाम के व्यक्ति ने रची थी, जबकि उसके गुर्गों ने इसे जमीन पर अंजाम दिया.
अस्पताल के बाहर परिजनों का हंगामा
घटना के बाद जब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, तो मामला और गरमा गया. पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतक के परिजन पुलिस की कार्यशैली से नाराज दिखे. उनका आरोप था कि पुलिस कुछ दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है. परिजनों ने मांग की कि एफआईआर में कुछ और नाम शामिल किए जाएं. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि परिजनों ने शव लेने और अंतिम संस्कार करने तक से मना कर दिया.
आखिरकार, मौके पर पहुंचे टीआई धीरेंद्र मिश्रा ने मोर्चा संभाला. उन्होंने परिजनों को काफी देर तक समझाया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद वे शव लेकर घर जाने को राजी हुए.
पुलिस का क्या कहना है?
दतिया एसडीओपी आकांक्षा जैन का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं. सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस कड़ियां जोड़ रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे. फिलहाल, इस हत्याकांड ने दतिया पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. दिन-दहाड़े या सरेराह इस तरह की फायरिंग की घटनाएं आम जनता के मन में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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