भारतीय रक्षा मंत्रालय इस हफ्ते एक बहुत बड़ा फैसला ले सकता है. यह फैसला फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने का है. इस सौदे की कीमत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये है. यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा होगा.
सूत्रों के मुताबिक, इस सौदे के तहत अधिकतर फाइटर जेट भारत में ही बनाए जाएंगे. जिनमें करीब 30% सामग्री स्वदेशी होगी. पहले 12 से 18 जेट फ्रांस से तैयार हालत में आएंगे. बाकी जेट भारत में बनेंगे. इसमें भारतीय हथियारों को शामिल करने की भी मांग है. यह सौदा सरकार से सरकार (G2G) के जरिए होगा. इससे जल्द डिलीवरी हो सकेगी.
पहले से कितने राफेल हैं?
भारतीय वायुसेना के पास पहले से 36 राफेल जेट हैं. ये 2016 के सौदे से आए थे. भारतीय नौसेना ने पिछले साल 26 राफेल-एम (सी वैरिएंट) के लिए भी सौदा किया था. अगर यह नया सौदा पूरा होता है तो कुल राफेल जेट की संख्या 176 हो जाएगी. यह वायुसेना की ताकत बहुत बढ़ा देगा.
क्यों जरूरी है यह सौदा?
भारतीय वायुसेना में फाइटर स्क्वाड्रन की संख्या कम हो रही है. पुराने जेट जैसे मिग-21, जगुआर आदि रिटायर हो रहे हैं. नई चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक जेट की जरूरत है. राफेल पहले से ही बहुत अच्छा प्रदर्शन कर चुका है. पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा पर यह बहुत उपयोगी साबित होगा.
यह प्रस्ताव अब रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) में रखा जाएगा. अगर मंजूरी मिली तो कीमत पर बातचीत होगी. फिर कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से अंतिम मंजूरी ली जाएगी. बजट में भी इसके लिए पैसा रखना होगा.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों आएंगे भारत
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की फरवरी 2026 में भारत यात्रा से पहले यह सौदा तेजी पकड़ सकता है. यह सौदा ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूत करेगा. रक्षा क्षेत्र में भारत की क्षमता बढ़ेगी. देश की सुरक्षा के लिए यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है.
ये भी पढ़ें: 2025 में PAK की ओर से हुए 139 सीजफायर वॉयलेशन, Operation Sindoor में हमने 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे: आर्मी चीफ
भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




