दिल्ली सरकार के पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में कोरिया एनवायरनमेंटल इंडस्ट्री एसोसिएशन (KEIA) के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया. प्रतिनिधिमंडल में पार्क जियोंग वूक (उप निदेशक, इंटरनेशनल कोऑपरेशन ब्यूरो – ग्लोबल ग्रीन प्रोजेक्ट टीम), चोई जीना (सेक्रेटरी जनरल, KEIA) और इम सु ह्यून (प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन टीम, KEIA) शामिल रहीं.
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कोरिया के ओवरसीज डेवलपमेंट असिस्टेंस (ODA) कार्यक्रम के तहत दिल्ली के ग्रीन एक्शन प्लान को समर्थन देने हेतु संभावित परियोजनाओं पर चर्चा करना था. इस मीटिंग की शुरुआत 12 जून को हुई दुखद AI-171 विमान दुर्घटना के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट के मौन के साथ की गई.
इस बैठक के बाद मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि “दिल्ली सरकार औद्योगिक उत्सर्जन घटाने, सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने व जलवायु के अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है. KEIA के साथ संवाद हमें कोरिया की उन्नत ग्रीन टेक्नोलॉजी दिल्ली लाने का अवसर देगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में हम दिल्ली को वैश्विक दक्षिण का सस्टेनेबल अर्बन डेवेलपमेंट मॉडल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
रिसर्च पार्टनरशिप व नॉलेज शेयरिंग में रुचि सराहनीय है
KEIA ने हाइड्रोजन एनर्जी, अपसाइकलिंग, पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम और डिजिटल एनवायरनमेंट मैनेजमेंट से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रेजेंटेशन दिया. प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली सरकार के विभागों के साथ पायलट प्रोजेक्ट्स व तकनीकी सहयोग हेतु तत्परता व्यक्त की.
इस दौरान मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “KEIA की रिसर्च पार्टनरशिप व नॉलेज शेयरिंग में रुचि सराहनीय है. उनका गवर्नमेंट-इंडस्ट्री-अकैडेमिया मॉडल दिल्ली के एकीकृत ग्रीन गवर्नेंस दृष्टिकोण से मेल खाता है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार के हमारे प्रयास और भी प्रभावी बन सकते हैं.”
KEIA टीम ने दिल्ली सरकार की सराहना की
दोनों पक्षों ने भविष्य में दिल्ली में कोरिया–भारत एनवायरनमेंटल इनोवेशन फोरम आयोजित करने की संभावना पर भी चर्चा की, जो कोरियाई टेक्नोलॉजी प्रदाताओं, भारतीय शहरी निकायों व वैश्विक विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाकर पर्यावरणीय समाधान विकसित करने में मदद करेगा.
KEIA टीम ने दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति, ई-वेस्ट प्रबंधन, निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन व मिस्ट स्प्रिंकलर की अनिवार्यता व प्रदूषण नियंत्रण के कड़े अनुपालन जैसे कदमों की सराहना की. साथ ही दिल्ली के ग्रीन एक्शन प्लान में दीर्घकालिक भागीदारी का आश्वासन भी दिया.
यह बैठक दिल्ली की उन अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राजधानी की वायु गुणवत्ता सुधारने, औद्योगिक प्रदूषण घटाने व जलवायु अनुकूलता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं.
ये भी पढ़ें: दिल्ली में बड़ा प्रशासनििक फेरबदल, उपराज्यपाल ने 23 अधिकारियों के ट्रांसफर और तैनाती को लेकर जारी किए आदेश
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




