अतुल यादव, दिल्ली
Delhi News: दिल्ली में गिग वर्कर्स की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने उनके लिए अटल कैंटीन और रेस्ट रूम बनाने के साथ-साथ एक वेलफेयर बोर्ड गठित करने की घोषणा की है. इस पहल का मकसद डिलीवरी पार्टनर्स और अन्य गिग वर्कर्स को बुनियादी सुविधाएं देना और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए एक आधिकारिक मंच तैयार करना है.
वर्कर्स की दिक्कतें
इंस्टा मार्ट के डिलीवरी पार्टनर आलोक राज़ सिंह ने बताया कि मौजूदा व्यवस्था में उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि एक किलोमीटर के लिए सिर्फ 15 रुपये मिलते हैं, लेकिन अगर ऑर्डर ऊंची इमारत के चौथे फ्लोर तक पहुंचाना पड़े तो अतिरिक्त मेहनत का कोई भुगतान नहीं होता. फ्यूल खर्च करने के बाद भी भारी बैग लेकर सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, लेकिन इस मेहनत की कोई कद्र नहीं होती.
सुविधाओं की कमी
गिग वर्कर्स का कहना है कि सिर्फ भुगतान ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है. कई जगहों पर बैठने, पानी पीने या गाड़ी खड़ी करने तक की व्यवस्था नहीं है. आलोक ने बताया कि हाल ही में नगर निगम ने कई डिलीवरी पार्टनर्स की गाड़ियां उठा लीं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई.
वर्कर्स की राय
इंस्टा मार्ट में काम करने वाले ने कहा कि अटल कैंटीन और रेस्ट रूम की योजना अच्छी है, लेकिन इन्हें स्टोर के पास बनाना जरूरी है. उनका कहना है कि अगर ये सुविधाएं दूर होंगी तो फायदा नहीं मिलेगा, क्योंकि उन्हें हमेशा स्टोर के पास रहना पड़ता है. उन्होंने गर्मी में पानी, कूलर और बैठने की जगह की कमी को भी बड़ी समस्या बताया.
एक अन्य वर्कर ने कहा कि अगर ये सुविधाएं स्टोर के पास होंगी तो काम करना आसान होगा और उन्हें बार-बार अपनी आईडी बंद नहीं करनी पड़ेगी. उन्होंने बारिश के दौरान शौचालय और शेल्टर की कमी को भी गंभीर समस्या बताया. छोटेलाल ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि अगर अटल कैंटीन स्टोर के पास होगी तो वर्कर्स को काम के बीच थोड़ा आराम मिल सकेगा.
ये भी पढ़ें-एनसीआर में मौसम का बड़ा बदलाव, 29 मार्च को तेज बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट
गिग वर्कर्स ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह मांग भी उठाई है कि योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए, ताकि उन्हें वास्तविक लाभ मिल सके.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



