दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें कहा गया था कि खेल संस्था के आगामी चुनावों में केवल उसकी संबद्ध राज्य इकाइयों के निर्वाचित सदस्य ही अपने-अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे. साथ ही इस मामले में केंद्र सरकार एवं भारतीय मुक्केबाजी महासंघ को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करने को कहा है. कोर्ट अगस्त में इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
जस्टिस मिनी पुष्करणा ने दिल्ली एमेच्योर मुक्केबाजी संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बीएफआई के 7 मार्च को जारी परिपत्र के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई जाती है. भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर को हाल ही में महासंघ की चुनाव प्रक्रिया के लिए अयोग्य घोषित किया गया था, क्योंकि उनका नामांकन 7 मार्च के परिपत्र का उल्लंघन करता है. उस वजह से निर्वाचन अधिकारी ने उनका नाम अनुमोदित अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया.
निर्वाचन अधिकारी के अनुमोदित निर्वाचक मंडल की अंतिम सूची में ‘दिल्ली एमेच्योर मुक्केबाजी संघ’ की ओर से भेजे गए दो नाम रोहित जैनेंद्र जैन और नीरज कांत भट्ट भी शामिल नहीं थे. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव की प्रक्रिया परिणामों की घोषणा के साथ जारी रहनी चाहिए, लेकिन यह याचिका के परिणाम के अधीन होगी. सभी संबद्ध राज्य संघों को भेजे गए 7 मार्च के नोटिस में कहा गया है कि बीएफआई से संबद्ध राज्य इकाइयों की वाषिर्क आम बैठक के दौरान केवल विधिवत निर्वाचित सदस्यों को ही अपने-अपने राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिकृत किया जाना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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