दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो साइबर ठगों को हिमाचल प्रदेश और लद्दाख की सीमा पर स्थित सर्चू इलाके से गिरफ्तार किया है. ये आरोपी साइबर अपराध से अर्जित धन को वैध दिखाने के लिए गरीब ग्रामीण मजदूरों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर क्राइम की रोकथाम और डिजिटल ठगी से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है.
दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए मनाली, रोहतांग और केलांग जैसे दुर्गम इलाकों में आरोपियों का पीछा किया. कई दिनों की सतत निगरानी और तकनीकी सर्विलांस के बाद आखिरकार सर्चू में दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया. पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े कई और आरोपी शामिल हो सकते हैं.
गरीब ग्रामीणों के खातों का हो रहा था दुरुपयोग
जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी कॉल, फ़िशिंग और अन्य ऑनलाइन ठगी के माध्यम से लोगों से पैसा ठगते थे और फिर उन पैसों को गरीब ग्रामीण मजदूरों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर छुपाते थे. इन खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता था, जिससे साइबर क्राइम की कमाई का स्रोत ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था.
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मजदूरों के बैंक खाते कैसे हासिल किए गए और क्या इसके पीछे कोई और बड़ा गिरोह भी सक्रिय है. साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी इन खातों का उपयोग केवल पैसों के लेन-देन के लिए कर रहे थे या फिर उनके जरिए और भी आर्थिक अपराधों को अंजाम दिया गया है.
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए अब पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में भी निगरानी और कार्रवाई की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
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