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नान पर सख्त सरकार! ‘खाने की थाली तक पहुंचा दिल्ली का प्रदूषण’, GRAP-4 के बाद लगा नया प्रतिबंध

Tandoor Ban In Delhi: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने राजधानी के सभी होटल, रेस्तरां और खुले ढाबों में कोयला व लकड़ी से जलने वाले तंदूरों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है.

Delhi Pollution, Tandoor Ban impacts Naan and Tandoori Food

Tandoor Ban In Delhi: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. कभी प्राइवेट दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति का नियम लागू किया गया, तो कभी निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई. इन तमाम प्रयासों और ग्रैप-4 (GRAP-4) लागू होने के बावजूद प्रदूषण का स्तर कम होता नहीं दिख रहा है. अब हालात ऐसे हो गए हैं कि दिल्ली का प्रदूषण (Delhi Pollution) सीधे लोगों की खाने की थाली तक पहुंच गया है.

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने राजधानी के सभी होटल, रेस्तरां और खुले ढाबों में कोयला और लकड़ी से जलने वाले तंदूरों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. इसका सीधा असर तंदूरी रोटी, नान, चिकन टिक्का और सोया चाप जैसे लोकप्रिय व्यंजनों पर पड़ेगा. यानी अब दिल्लीवाले इन तंदूरी पकवानों का स्वाद नहीं ले पाएंगे.

नान पर लगा प्रतिबंध (Tandoor Ban)

राजधानी में ग्रैप-4 (GRAP-4) लागू होने के बाद भी वायु गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं दिखा. गंभीर हालात को देखते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने यह बड़ा फैसला लिया है. कोयला और लकड़ी से जलने वाले तंदूरों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण को और बढ़ाता है, इसलिए इन पर रोक लगाई गई है. शहर के सभी होटल, रेस्तरां और खुले ढाबों में कोयला व लकड़ी से जलने वाले तंदूरों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. ऐसे अब दिल्लीवालों के लिए तंदूरी रोटी, नान, चिकन टिक्का और सोया चाप पर प्रतिबंध होगा.

GRAP-4 के कड़े नियम (Delhi GRAP-4)

वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर पर पहुंचने के बाद राजधानी में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-4 के कड़े नियम भी लागू कर दिए गए हैं. इसके तहत जरूरी सेवाओं को छोड़कर दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. हालांकि, CNG, LNG, इलेक्ट्रिक और BS-6 डीजल ट्रकों को प्रवेश की अनुमति दी गई है, जबकि BS-4 और उससे नीचे श्रेणी के डीजल भारी मालवाहक वाहन सड़कों पर नहीं चल सकेंगे.


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हाइब्रिड मोड में पढ़ाई

प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो रही हैं. हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कक्षा 9 तक और कक्षा 11 के छात्रों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में कराने का फैसला किया है.

-भारत एक्सप्रेस



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