Chhattisgarh Dhirendra Shastri Retorts: मनोज सिंह/रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर धर्म और आस्था को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक बयान ने ऐसा विवाद खड़ा कर दिया है, जिसने सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों को आमने-सामने ला दिया है. इस बयान पर अब प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसके बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है.
भुपेश के बयान ने छेड़ा नया विवाद
दरअसल, दुर्ग (Durg, Chhattisgarh) में आयोजित संविधान पर्व कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल ने बीजेपी, आरएसएस और कथावाचकों को लेकर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि देश में हिंदू कभी खतरे में नहीं रहे, लेकिन हिंदू खतरे में है जैसे नारों के सहारे बीजेपी और आरएसएस ने चुनावी फायदा उठाया. उनका कहना था कि डर का माहौल बनाकर तीन बार सत्ता हासिल की गई.
इतना ही नहीं, भूपेश बघेल ने कथावाचकों पर भी तंज कसते हुए कहा था कि आज के दौर में भगवान की कथा कम और तरह-तरह के टोटकों का प्रचार ज्यादा हो रहा है. उन्होंने चिंता जताई कि समाज शिक्षित होने के बावजूद अंधविश्वास की ओर बढ़ रहा है.
धीरेंद्र शास्त्री का पलटवार
भूपेश बघेल के बयान पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सख्त प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर हनुमान भक्ति का प्रचार करना और हिंदुओं को जोड़ने की बात करना अंधविश्वास माना जाता है, तो ऐसा सोचने वालों को देश छोड़ देना चाहिए. उनके इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया और बहस सियासत से निकलकर आस्था तक पहुंच गई.
वहीं, बीजेपी के सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस और भूपेश बघेल पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को न तो लोगों की आस्था पर भरोसा है और न ही देश की परंपराओं पर. संतोष पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर जैसे मुद्दों पर कांग्रेस का रुख हमेशा दोहरा रहा है.
कांग्रेस की तरफ से जवाब
बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने पंडित शास्त्री और बीजेपी पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था को राजनीतिक हथियार बनाना गलत है और ऐसे बयानों से समाज में सिर्फ तनाव बढ़ता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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