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डीडवाना में हड्डियों की फैक्ट्री के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, ग्राम सभा ने तुरंत बंद कराने का लिया फैसला

डीडवाना उपखंड के निंबी खुर्द और विजयनगर में संचालित हड्डी और चमड़ा प्रसंस्करण फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है. भयंकर दुर्गंध और प्रदूषण से परेशान ग्रामीणों ने आम सभा कर फैक्ट्री को तुरंत बंद कराने की मांग की है.

Rajasthan News

बोन फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा

Edited by Radha Priya

Rajasthan News: डीडवाना उपखंड के निंबी खुर्द और विजयनगर इलाके इन दिनों एक अजीब और भयानक समस्या से जूझ रहे हैं. यहां चल रही एक हड्डी और चमड़ा प्रसंस्करण (बोन फैक्ट्री) के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. हालात ये हो गए हैं कि अब लोगों का घरों में रहना और खेतों में काम करना तक मुहाल हो गया है. इसी के चलते ग्राम सभा ने एकजुट होकर इस फैक्ट्री को तुरंत बंद कराने का कड़ा फैसला लिया है.

तेज दुर्गंध जीना हुआ मुहाल

विजयनगर और निंबी खुर्द की सीमा पर खसरा संख्या 324/81 में यह विवादित फैक्ट्री चल रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि इस फैक्ट्री से दिन-रात इतनी भयंकर और सड़ी हुई दुर्गंध निकलती है कि आसपास सांस लेना भी दूभर हो गया है. फैक्ट्री के महज 400 मीटर के दायरे में ही कई किसानों की ढाणियां और मकान बने हुए हैं. बदबू इतनी तेज है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का घरों में टिकना मुश्किल हो गया है.

खेती और रास्तों पर भी पड़ रहा बुरा असर

इस गंध का असर सिर्फ इंसानों की सेहत पर ही नहीं, बल्कि किसानों की खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है. किसान अपने खेतों में चैन से काम नहीं कर पा रहे हैं. इसके अलावा, फैक्ट्री के आस-पास से गुजरने वाले आम रास्तों और मनरेगा योजना के तहत बनी सड़कों पर चलना भी लोगों के लिए सजा बन गया है. बदबू के मारे लोग उस रास्ते से नाक बंद करके निकलने को मजबूर हैं.

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ग्राम सभा में हुआ फैसला

इस समस्या से तंग आकर निंबी खुर्द ग्राम पंचायत और विजयनगर के ग्रामीणों ने एक बड़ी आम सभा बुलाई. इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि इस फैक्ट्री का संचालन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसे तुरंत बंद कराया जाना चाहिए. ग्रामीणों ने मांग की है कि फैक्ट्री के पास कागजात, भूमि उपयोग के नियम और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की परमिशन की गहराई से जांच होनी चाहिए.

जल्द ही ग्रामीण इस मामले में जिला कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और एसपी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन ग्रामीणों की इस सुध को लेकर कितना गंभीर होता है और इस अवैध सी दिखने वाली फैक्ट्री पर क्या एक्शन लिया जाता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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