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चीनी ऐप निवेश घोटाला: ED ने मास्टरमाइंड रोहित विज को किया गिरफ्तार, दिल्ली में पांच ठिकानों पर छापेमारी में मिले अहम सबूत

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चीनी ऐप आधारित निवेश धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रोहित विज को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई के तहत दिल्ली में पांच ठिकानों पर छापेमारी की गई और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चीनी ऐप आधारित निवेश धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए इस घोटाले के प्रमुख षड्यंत्रकर्ताओं में शामिल रोहित विज को गिरफ्तार कर लिया है. ईडी मुख्यालय, नई दिल्ली की टीम ने यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA),2002 के तहत की है. गिरफ्तारी के बाद ईडी ने दिल्ली स्थित रोहित विज से संबंधित कुल 5 परिसरों पर छापेमारी की, जिसमें उसकी व्यापारिक संस्थाओं और सहयोगियों के ठिकाने भी शामिल हैं.

ईडी की छानबीन के दौरान तलाशी लिए गए स्थानों से अपराध की आय (Proceeds of Crime–POC) से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं. इनमें नकली निवेश एप्लिकेशन से जुड़ी फर्जी कंपनियों के लेन-देन विवरण, डिजिटल डाटा, बैंकिंग ट्रेल और संदेहास्पद विदेशी लेनदेन से संबंधित जानकारियां शामिल हैं. इन दस्तावेजों की जब्ती के बाद ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग की बड़ी श्रृंखला का खुलासा होने की उम्मीद है.

नकली निवेश ऐप्स के जरिए करोड़ों की ठगी

ईडी के मुताबिक, रोहित विज पर आरोप है कि वह चीनी नागरिकों द्वारा संचालित फर्जी निवेश और लोन ऐप्स की भारतीय इकाइयों का संचालन कर रहा था. इन ऐप्स के ज़रिए लाखों भारतीयों से धोखे से पैसे वसूले गए, जो बाद में जटिल बैंकिंग चैनलों और क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से विदेशों में भेजे गए. यह संपूर्ण नेटवर्क धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराध के गहरे जाल में उलझा हुआ है.

जांच में यह भी सामने आया है कि रोहित विज ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां बनाई थीं, जिनके ज़रिए ऐप्स का प्रचार-प्रसार किया जाता था और निवेशकों को लुभाने के लिए फर्जी रिटर्न और मुनाफे के वादे किए जाते थे. प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस धोखाधड़ी से करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई है, जिसे अब ईडी मनी ट्रेल के ज़रिए ट्रैक कर रही है.

डिजिटल ठगी के खिलाफ सख्त कदम

ईडी की यह कार्रवाई चीनी ऐप्स के ज़रिए भारत में हो रही डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है. एजेंसी का कहना है कि आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं, और इस मामले में कई अन्य संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है.

यह मामला देश की साइबर सुरक्षा और वित्तीय संप्रभुता से जुड़ा हुआ है, और ईडी की ताज़ा कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार अब ऐसे अंतरराष्ट्रीय डिजिटल अपराध नेटवर्क पर सख्ती से नज़र रखने और कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.


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