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Navya Malik Drugs Case: छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल ‘नव्या मलिक ड्रग्स केस’ में एक नया और बड़ा ट्विस्ट आ गया है. इस पूरे मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की एंट्री हो चुकी है, जिसके बाद ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े रसूखदारों में हड़कंप मच गया है (Chhattisgarh drugs matter).
अगस्त 2025 में मुंबई से गिरफ्तार नव्या मलिक के चर्चित ड्रग्स केस में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है. ED ने रायपुर पुलिस से मामले की चार्जशीट और जांच रिकॉर्ड मांगकर करोड़ों रुपये के इस कथित ड्रग्स नेटवर्क की मनी ट्रेल, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अवैध संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है. इस केंद्रीय जांच के दायरे में अब वे रसूखदार लोग भी आ सकते हैं, जिनके नाम पुलिस की पहली चार्जशीट में शामिल नहीं थे.
सभी जांच रिकॉर्ड मांगे
चर्चित नव्या मलिक ड्रग्स केस में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री से बड़ा ट्विस्ट आ गया है. रायपुर पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के बाद केंद्रीय एजेंसी ने कमान संभालते हुए पुलिस से मामले की पूरी चार्जशीट और अब तक के सभी जांच रिकॉर्ड मांग लिए हैं.
मनी ट्रेल और निवेशों की होगी जांच (Raipur ED investigation)
ED अब इस करोड़ों रुपये के ड्रग्स नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन (मनी ट्रेल), संदिग्ध बैंक खातों और अवैध संपत्तियों की गहराई से जांच करेगी. इसके अलावा, जांच का दायरा डिजिटल ट्रांजेक्शन और हवाला के जरिए किए गए संदिग्ध निवेशों तक भी फैलेगा. एजेंसी यह पता लगाएगी कि ड्रग्स के काले कारोबार से हुई अवैध कमाई को कहां खपाया गया है.
बढ़ेंगी रसूखदारों की मुश्किलें
ED की इस कार्रवाई से उन लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय है, जिन्हें पुलिस की पहली चार्जशीट में शामिल नहीं किया जा सका था. गौरतलब है कि अगस्त 2025 में इस हाई-प्रोफाइल रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद मुख्य आरोपी नव्या मलिक को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था. पुलिस को नव्या के मोबाइल से 850 से अधिक प्रभावशाली और रसूखदार लोगों के संपर्क मिले थे. अब ED की एंट्री के बाद इस सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है.
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-भारत एक्सप्रेस
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