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मेडिकल कॉलेजों में भ्रष्टाचार: ED ने दिल्ली-यूपी समेत 10 राज्यों में 15 ठिकानों पर छापा मारा, NMC अधिकारियों में हड़कंप

Medical Education Scam: ED ने दिल्ली-यूपी समेत 10 राज्यों में 15 ठिकानों पर छापेमारी की है. मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, और जल्द ही इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है.

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Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Enforcement Directorate Raids: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज मेडिकल शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में देशभर में व्यापक छापेमारी की है. दिल्ली और उत्तर प्रदेश (यूपी) सहित कुल 10 राज्यों में 15 ठिकानों पर यह कार्रवाई की गई है. कथित तौर पर राष्ट्रीय मेडिकल कमीशन (NMC) के अधिकारियों और मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधन के बीच रिश्वतखोरी और गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान का यह मामला है.

10 राज्यों में फैले ठिकाने, CBI की FIR बनी आधार

ईडी की यह छापेमारी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में की गई है. सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई का आधार 30 जून 2025 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (संख्या आरसी2182025A0014) है. एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कुछ सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी गई, जिसके बदले में मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा की गई.

गोपनीय निरीक्षण के मानदंडों में हेरफेर किया था

जांच में यह सामने आया कि एनएमसी से जुड़े अधिकारियों द्वारा साझा किए गए ये गोपनीय निरीक्षण विवरण मेडिकल कॉलेजों के प्रमुख प्रबंधकों और कुछ बिचौलियों तक पहुंचाए गए. इस जानकारी का इस्तेमाल आरोपियों ने निरीक्षण के मानदंडों में हेरफेर करने के लिए किया, ताकि वे मेडिकल कॉलेजों में अकादमिक कोर्स चलाने की अनुमति प्राप्त कर सकें.

सात मेडिकल कॉलेजों से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई

ईडी की कार्रवाई में सात मेडिकल कॉलेजों से जुड़े परिसरों को शामिल किया गया है. इसके अलावा, कई निजी व्यक्तियों के ठिकानों पर भी छापेमारी हुई है, जिन्हें एफआईआर में आरोपी बनाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि ये लोग कथित रिश्वतखोरी के इस पूरे रैकेट में अहम भूमिका निभा रहे थे. इस व्यापक अभियान का मुख्य उद्देश्य कथित नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना और अवैध धन के प्रवाह का पता लगाना है.

भ्रष्टाचार के जाल को उजागर करने पर फोकस

यह कार्रवाई सीबीआई की चल रही जांच से प्राप्त विस्तृत सुरागों पर आधारित है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच का केंद्र केवल संस्थागत परिसर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत परिसर भी हैं, ताकि रिश्वत और गोपनीय जानकारी के लेन-देन के तरीके को पूरी तरह समझा जा सके. ईडी इस कार्रवाई के जरिए कॉलेज प्रशासन और सरकारी अधिकारियों के बीच बने भ्रष्टाचार नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने लाना चाहती है.

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