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मिठी नदी सिल्टिंग घोटाले में 65 करोड़ से अधिक के घोटाले की जांच: मुंबई और कोच्चि में ईडी की 15 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मिठी नदी सिल्टिंग घोटाले में मुंबई और कोच्चि में 15 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की. बीएमसी को 65 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, फर्जी बिलों के जरिए कथित हेराफेरी हुई.

Mithi River scam

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को मुंबई और कोच्चि में मिठी नदी सिल्टिंग घोटाले के सिलसिले में 15 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, यह घोटाला बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को 65 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है. ईडी को संदेह है कि बीएमसी की ओर से नदी की सफाई के नाम पर ठेकेदारों को भुगतान तो किया गया, लेकिन जमीन पर काम या तो नाममात्र का हुआ या बिल्कुल नहीं हुआ.

मिठी नदी मुंबई की प्रमुख नदियों में है शामिल

मिठी नदी मुंबई की प्रमुख नदियों में शामिल है और हर साल मानसून से पहले इसकी सिल्टिंग यानी मलबा हटाने का काम बीएमसी कराती है. यह काम बाढ़ रोकने और जल निकासी सुनिश्चित करने के लिए बेहद अहम होता है. लेकिन ईडी की जांच में सामने आया है कि सफाई कार्य केवल कागजों पर दिखाया गया और कुछ फर्मों ने फर्जी बिलों और चालानों के जरिए भारी राशि हड़प ली. अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान कुछ डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात जब्त किए गए हैं. इनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि इस घोटाले की गहराई तक पहुंचा जा सके.

जिन परिसरों पर हुई छापेमारी उनमें ये चीजें है शामिल

छापेमारी जिन परिसरों पर हुई, उनमें ठेकेदारों, निजी कंपनियों और कुछ पूर्व बीएमसी इंजीनियरों के दफ्तर और घर शामिल हैं. मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं बल्कि एक बड़ा प्रशासनिक फेलियर भी है, क्योंकि बीएमसी की निगरानी प्रणाली इतनी कमजोर थी कि इतने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हो गया और किसी ने सवाल नहीं उठाया.

बीएमसी हर साल मिठी नदी की सफाई पर इतने करोड़ करती है खर्च

फैक्ट चेक के अनुसार, बीएमसी हर साल मिठी नदी की सफाई पर लगभग 80-100 करोड़ रुपये खर्च करती है. वर्ष 2023 में भी करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से सफाई का दावा किया गया था. हालांकि, महाराष्ट्र सरकार की एक आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट ने पहले ही इन कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे. अब ईडी की कार्रवाई के बाद उम्मीद की जा रही है कि इस घोटाले में शामिल सभी दोषियों की पहचान होगी और मुंबईकरों के टैक्स का पैसा बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे.

-भारत एक्सप्रेस 



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