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अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED का शिकंजा; PMLA के तहत कैंपस अटैच करने की तैयारी, फंडिंग पर उठे सवाल

अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED की नजरें टिकी हैं. PMLA के तहत कैंपस अटैच करने की तैयारी के बीच यूनिवर्सिटी की फंडिंग और लाल किला धमाके की जांच से जुड़े इनपुट्स ने मामले को और गंभीर बना दिया है.

Al-Falah University

प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी को लेकर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है. जांच एजेंसी की नजर यूनिवर्सिटी के कैंपस और उसके निर्माण में इस्तेमाल की गई रकम पर है. सूत्रों के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून यानी PMLA के तहत यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को अटैच किया जा सकता है.

आतंकी धमाके से जु़ड़े तार

यह पूरा मामला केवल आर्थिक अनियमितताओं तक सीमित नहीं है. जांच के दौरान अल-फलाह यूनिवर्सिटी के तार दिल्ली के लाल किला के पास हुए आतंकी धमाके की जांच से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं. इन्हीं इनपुट्स के आधार पर ED ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है और यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल की जा रही है.

ED को शक है कि यूनिवर्सिटी के कैंपस के निर्माण में जिस रकम का इस्तेमाल किया गया, वह वैध स्रोतों से नहीं आई थी. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह पैसा ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ यानी अपराध से अर्जित धन था, जिसे शिक्षा के नाम पर खपाया गया. अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो मामला और गंभीर हो सकता है.

अल-फलाह के कितने राज?

जांच में सामने आया है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी के संबंध कई कंपनियों से रहे हैं. रिकॉर्ड के अनुसार, सिद्दीकी का जुड़ाव कम से कम नौ कंपनियों से पाया गया था. ये सभी कंपनियां किसी न किसी रूप में अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़ी बताई जाती हैं.

इन कंपनियों का काम शिक्षा, आईटी, ऊर्जा और निवेश जैसे अलग-अलग सेक्टरों में फैला हुआ था. खास बात यह है कि इन सभी कंपनियों में जावेद अहमद सिद्दीकी डायरेक्टर के तौर पर शामिल थे. दस्तावेजों के मुताबिक, ये कंपनियां दिल्ली के जामिया नगर, ओखला इलाके में रजिस्टर्ड थीं और साल 2019 तक एक्टिव थीं.

अब ED यह समझने की कोशिश कर रही है कि इन कंपनियों के जरिए पैसा कैसे इधर-उधर किया गया और क्या इसी नेटवर्क के जरिए यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए फंड जुटाया गया. फरीदाबाद के धौज इलाके में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस पर आने वाले दिनों में कार्रवाई तय मानी जा रही है. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में अभी और भी कई परतें खुल सकती हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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