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दिल्ली में तुष्टिकरण की राजनीति का अंत, सुशासन का नया युग शुरू: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) ने दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद तुष्टिकरण की राजनीति का अंत और सुशासन के नए युग की शुरुआत की बात की. MRM ने दिल्ली की जनता की इस जीत को प्रधानमंत्री मोदी की नीति की सच्ची विजय बताते हुए AAP की सरकार पर भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण के आरोप लगाए.

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Aarika Singh Edited by Aarika Singh

दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी (AAP) के झूठे वादों, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति को सिरे से नकारते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को ऐतिहासिक जीत दिलाई है. इस जीत के साथ दिल्ली में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें विकास, सुशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाएगी. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) ने इस जीत को जनता की जीत करार देते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की नीति की सच्ची विजय बताया है.

MRM के राष्ट्रीय संयोजक एवं मीडिया प्रभारी शाहिद सईद ने कहा कि दिल्ली की जनता अब जाग चुकी है और उसने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब राजनीति तुष्टिकरण से नहीं, बल्कि संतुष्टीकरण से चलेगी. उन्होंने कहा, “AAP सरकार ने दिल्ली को केवल घोटालों का अड्डा बना दिया था. न स्कूल सुधरे, न अस्पताल, न पानी मिला, न बिजली. हर जगह घोटाले ही घोटाले हुए, और आम आदमी ठगा सा महसूस करता रहा.”

AAP सरकार के घोटालों की लंबी फेहरिस्त:

राष्ट्रीय संयोजक एवं शिक्षाविद् प्रोफेसर शाहिद अख्तर ने इस चुनाव परिणाम को दिल्ली की राजनीति में एक क्रांतिकारी परिवर्तन करार दिया. उन्होंने कहा कि AAP ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के नाम पर जनता को ठगने का काम किया. उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार ने झूठे प्रचार और विज्ञापनों पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर दिए, लेकिन असल में सरकारी स्कूलों की हालत बदतर होती चली गई. शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई, और AAP के शिक्षा मॉडल की सच्चाई अब सबके सामने आ चुकी है.”

AAP नेताओं की जेल यात्रा और घोटाले:

1. AAP सरकार की सबसे बड़ी नाकामी इसका भ्रष्टाचार था, जिसके चलते कई बड़े नेता तिहाड़ जेल पहुंच चुके हैं.
2. अरविंद केजरीवाल खुद शराब घोटाले में जांच के घेरे में हैं, जेल जा चुके हैं. बेल पर बाहर है और कभी भी फिर से जेल जा सकते हैं.
3. मनीष सिसोदिया, पूर्व डिप्टी सीएम, शराब घोटाले में गिरफ्तार होकर 17 महीने जेल में बंद रहे, जमानत पर बाहर है. फिर से अन्दर जा सकते हैं.
4. सत्येंद्र जैन, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, मनी लॉन्ड्रिंग केस में तिहाड़ जेल में बंद हैं.
5. अमानतुल्लाह और सौरभ भारद्वाज जैसे नेता भी विभिन्न घोटालों की जांच के घेरे में हैं. अमानतुल्लाह वक्फ जमीन घोटाले में जेल में लंबा वक्त काट चुके हैं.
6. कैलाश गहलोत, दिल्ली के पूर्व मंत्री, पर भी जमीन घोटाले और रिश्वतखोरी के आरोप हैं.

AAP सरकार ने केवल भ्रष्टाचार और घोटाले किए, लेकिन जनता के लिए कोई ठोस काम नहीं किया. दिल्ली में यमुना सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन नदी की हालत पहले से भी बदतर हो गई. मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर घोटाले हुए, और इन क्लीनिकों में बुनियादी दवाएं तक नहीं मिलती थीं.

AAP का तुष्टिकरण और मुस्लिम समाज का शोषण:

MRM की राष्ट्रीय संयोजक डॉ. शालिनी अली ने इस जीत को महिलाओं, विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत बताया. उन्होंने कहा, “जब तीन तलाक का मुद्दा आया, तब केजरीवाल सरकार ने खुलकर मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ काम किया. वह केवल तुष्टिकरण की राजनीति करती रही, लेकिन महिलाओं को उनके अधिकार देने के लिए कुछ नहीं किया.”

MRM के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल ने कहा कि AAP ने केवल मुस्लिम समाज को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया और उनकी असली समस्याओं पर ध्यान ही नहीं दिया. उन्होंने कहा, “AAP सरकार ने मदरसों को सुधारने की जगह अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उनका इस्तेमाल किया. मस्जिदों और मदरसों के नाम पर वोट तो बटोरे, लेकिन शिक्षा और रोजगार के लिए कुछ नहीं किया.”

MRM के दिल्ली प्रदेश संयोजक हाफिज साबरीन ने कहा कि दिल्ली की मुस्लिम बस्तियों में पानी, बिजली और सफाई की हालत बदतर हो गई थी, लेकिन केजरीवाल सरकार ने इन समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा, “AAP सरकार ने तुष्टिकरण के नाम पर केवल झूठे वादे किए, लेकिन मुस्लिम समाज को इसका कोई फायदा नहीं हुआ.”

अब दिल्ली में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टीकरण की राजनीति होगी:

1. AAP सरकार के कार्यकाल में दिल्ली में अराजकता, गंदगी और कुप्रबंधन का साम्राज्य था.
2. सड़कों पर गड्ढे और जलभराव की समस्या से लोग परेशान रहे.
3. यमुना नदी की सफाई के नाम पर सिर्फ घोटाले हुए.
4. बिजली और पानी के नाम पर जनता को गुमराह किया गया.
5. स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं और डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों ने विकराल रूप ले लिया.

अब दिल्ली एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है, जहां पारदर्शिता, विकास और सुशासन ही राजनीति का आधार होंगे. यह जीत केवल बीजेपी की नहीं, बल्कि दिल्ली की जनता की जीत है, जिसने अब तुष्टिकरण की राजनीति को पूरी तरह से नकार दिया है.

अब समय आ गया है कि दिल्ली में सच्चे विकास, शिक्षा सुधार, रोजगार सृजन और महिलाओं के सशक्तिकरण पर काम हो. जनता को अब झूठे वादों से नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यों से संतोष चाहिए. यही कारण है कि दिल्ली की जनता ने AAP को बाहर का रास्ता दिखाकर विकास और राष्ट्रहित की राजनीति को चुना है.

-भारत एक्सप्रेस



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