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Etawah: ट्रेनों पर पथराव करने के आरोपियों को पुलिस ने दबोचा, गरीब रथ और शताब्दी एक्सप्रेस को बनाया था निशाना

आरपीएफ इंस्पेक्टर गजेंद्र पाल ने घटना को लेकर मीडिया को जानकारी दी कि दोनों आरोपियों को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

-शिवांग तिमोरी

Etawah: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में पुलिस ने ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वाले उत्पातियों को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी सामने आ रही है कि दिल्ली हावड़ा रेलवे ट्रैक अंतर्गत मैनपुरी फाटक के नजदीक 6 जुलाई को कानपुर से दिल्ली जा रही रांची गरीब रथ और दिल्ली से कानपुर सेंट्रल को जा रही शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन पर इन उत्पातियों ने जमकर पत्थरबाजी की थी, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई थी. आनन-फानन में इस घटना की सूचना दोनों ट्रेनों में चल रहे पुलिस एस्कॉर्ट द्वारा इटावा आरपीएफ को दी गई. इस पथराव में ट्रेनों की कुछ खिड़कियों के कांच भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

उत्पातियों ने ट्रेनों पर किया था पथराव

इस घटना की जानकारी होने के तुरंत बाद ही आरपीएफ जवान मौके पर पहुंचे और आरोपियों के बारे में पूछताछ की. इसके बाद शनिवार को मुखबिर की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. उनके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. बता दें ट्रेन संख्या 12878 रांची गरीब रथ और ट्रेन संख्या 12034 कानपुर सेंट्रल शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन पर मैनपुरी रेलवे (अंडरब्रिज) फाटक के पास पहुंची ही थी कि कुछ अराजक तत्वों ने इन दोनों ट्रेनों पर जमकर पथराव करना शुरू कर दिया.

पत्थरबाजी की इस घटना से रांची गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन के बी-15 कोच और कानपुर सेंट्रल शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के सी-7 कोच के शीशे टूटकर चूर-चूर हो गये. हालांकि इस पत्थरबाजी की घटना में कोई रेलयात्री चोटिल नहीं हुआ.

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वहीं आरपीएफ ने तुरंत ही इटावा जंक्शन पर कानपुर सेंट्रल शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के रुकते ही पूरी ट्रेन को चेक किया, जबकि रांची गरीब रथ एक्सप्रेस का इटावा जंक्शन पर स्टॉपेज ना होने के कारण बिना रुके ही ट्रेन अपने गंतव्य स्थान की ओर रवाना हो गई. दूसरी ओर पथराव की घटना के बाद अज्ञात लोगों के विरुद्ध आरपीएफ ने धारा 153 के तहत मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों की तलाश शुरू की और इटावा आरपीएफ इंस्पेक्टर गजेंद्र पाल के निर्देशन में आरपीएफ एसआई सत्यदेव यादव व हीराचंद मीना ने घटना स्थल पर पहुंचे व स्थलीय निरीक्षण किया तो घटना स्थल के पास ही दो लोग बैठे मिले, जिनका नाम वीरेंद्र कश्यप व प्रियांशु है. इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.

मुखबिर की सूचना पर किया गिरफ्तार

आरपीएफ इंस्पेक्टर गजेंद्र पाल ने घटना को लेकर मीडिया को जानकारी दी कि दोनों आरोपियों को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया है. इन दोनों ही आरोपियों ने ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटना को लेकर पूरी बात स्वीकार कर ली है. गिरफ्तार आरोपियों ने आरपीएफ को बताया कि उन्होंने मस्ती करने के उद्देश्य से ट्रेनों पर पथराव किया था.

-भारत एक्सप्रेस



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