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Kanpur: नौकरी नहीं मिली तो बन गया फेक स्क्वाड्रन लीडर, लाखों रुपये लेकर बेरोजगारों को बांटने लगा फर्जी नियुक्ति पत्र, फिर ऐसे खुला राज

एक युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइन करने के लिए कानपुर से एयर फोर्स स्टेशन पहुंचा था. इस पर उसके नियुक्ति पत्र की जब जांच की गई तो पूरा खेल सामने आ गया.

फोटो-सोशल मीडिया

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Kanpur: उत्तर प्रेदश के कानपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां वायुसेना इंटेलीजेंस और एसटीएफ ने एक फर्जी स्क्वाड्रन लीडर को गिरफ्तार कर लिया है. आरोप‍ित स्क्वाड्रन लीडर बनकर वायु सेना में भर्ती का ठेका ले रहा था और उसने सौ से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र तक बांट डाले. इसका खुलासा तो तब हुआ जब एक युवक नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइन करने के लिए पहुंचा. फिलहाल वायुसेना इंटेलीजेंस और एसटीएफ ने कानपुर के रामादेवी चौराहे के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इंटर पास इस जालसाज के पास से बड़ी संख्या में कूटरचित दस्तावेज भी म‍िले हैं.

मीडिया सूत्रों के मुताबिक वायुसेना इंटेलीजेंस और एसटीएफ ने स्क्वाड्रन लीडर की वर्दी पहनकर बेराजगार युवकों को वायुसेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने वाले जालसाज को दबोच लिया है. आरोपित का नाम राहुल राजपूत है और वह उन्नाव का रहने वाला है. पुलिस ने उसके पास से बड़ी संख्या में कूटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं. तो वहीं आरोपित के खिलाफ रेल बाजार थाने में सेना की वर्दी का दुरुपयोग, फर्जी लोकसेवक बनने, धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब आगे की कार्रवाई की जा रही है.

इस मामले में एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि, वायु सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी की शिकायत मिली थी. इसके बाद एसटीएफ और वायुसेना इंटेलीजेंस ने संयुक्त रूप से मामले में छानबीन शुरू की तो जानकारी सामने आई कि, उन्नाव के अजगैन क्षेत्र के आजाद नगर निवासी राहुल राजपूत खुद को वायुसेना का स्क्वाड्रन लीडर बताकर बेरोजगारों को वायुसेना में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा है. इसके बाद उसको मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया है. भर्ती को लेकर उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि, अब तक करीब 300 लोगों से लाखों रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर वह ठग चुका है.

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इसी के साथ उसने अपने पिता के बारे में जानकारी दी है और बताया है कि, उसके पिता का नाम देशराज है और वह दिल्ली में एक स्टेबलाइजर बनाने वाली कंपनी में काम करते थे औऱ परिवार दिल्ली के उत्तमनगर में रहता था और यहीं पर रहकर उसने एयरफोर्स के बारे में पूरी जानकारी एकत्र की थी और फिर इसके बाद कानपुर के रेल बाजार के एक होटल में रुककर उसने फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने का खेल शुरू किया था. वहीं जांच में पता चला है कि उसने करीब 150 लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र बांट कर फर्जी सैनिक बना डाला. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि, एक युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइन करने के लिए कानपुर से एयर फोर्स स्टेशन पहुंचा था. इस पर उसके नियुक्ति पत्र की जब जांच की गई तो पूरा खेल सामने आ गया. इसके बाद जब जांच की गई तो पता चला कि इस जालसाजी के शिकार सैकड़ों लोग हुए हैं. छानबीन में उसके नाम पर चार बैंक खाते मिले हैं. फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है.

प्रभावित था एयरफोर्स से

राहुल राजपूत ने बताया कि वह एक समय एयरफोर्स में नौकरी चाहता था, लेकिन उसको नौकरी नहीं मिली. इसके बाद उसने बेरोजगारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. राहुल ने बताया कि, जिन लोगों का परीक्षा देने के बावजूद भी सलेक्शन नहीं होता था, उन लोगों से वह खुद सम्पर्क करता था और फिर नौकरी दिलाने का झांसा देता था. उसने बताया कि उसने फर्जी एयरफोर्स के सर्टिफिकेट देकर सैकड़ों बेरोजगारों से लाखों रुपए ठगे और लोगों को लगता कि उनकी नौकरी लग गई है, लेकिन सही में तो वे ठगी का शिकार हो रहे थे. पढ़ाई-लिखाई के बारे में पूछने पर आरोपी ने बताया कि उसने इंटर तक की पढ़ाई की है और नौकरी देने के नाम पर वह बेरोजगारों से 50 हजार रुपए तक वसूलता था.

-भारत एक्सप्रेस



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