Sheikhpura Fake UPSC Result: हर बार की तरह इस बार भी UPSC में बिहार ने पूरे देश में परचम लहराया. उज्जवल प्रियांक, राघव झुनझुनवाला, मोनिका श्रीवास्तव सहित कई एस्पिरेंट ने पूरे बिहार को गर्व करने का मौका दिया. रिजल्ट आने के बाद शेखपुरा के रंजीत कुमार ने दावा किया कि उन्होंने UPSC में 440वीं रैंक मिली है. उनकी इस सफलता ने तुरंत इलाके में हलचल मचा दी. दौड़े-भागे स्थानीय राजद विधायक उनके दरवाजे पर पहुंचे और बधाई देते हुए गिफ्ट के तौर पर पैसे और सूटकेस दिया. रंजीत यादव के UPSC में चयनित होने की खबर जैसे ही पुलिस को लगी, आनन-फानन में शेखपुरा पुलिस भी उनके चौखट पर पहुंच गई और उन्हें बुलाकर सम्मानित कर दिया, लेकिन अब वहीं पुलिस उसे डंडा लेकर खोज रही है. सोशल मीडिया पर रंजीत को दिहाड़ी मजदूर बताया जा रहा है.
रंजीत यादव माहुली थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव का रहने वाला है. उसके पिता का नाम अर्जुन यादव है. यूपीएससी रिजल्ट आने के बाद रंजीत ने झूठी सफलता की कहानी गढ़कर पूरे जिले में खूब वाहावाही बटोरी. वो जहां भी जाता हाथ चमका-चमकाकर लंबा-चौड़ा मोटिवेशन भाषण देता. जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है.
पूर्व RJD विधायक इस फर्जी IAS रंजीत यादव के लिए कह रहे थे
“ऐसा बेटा सबके घर में निकले ” 🤣🤣
काजू कतली खिलाकर, VIP सूटकेस भी गिफ्ट किए थे। https://t.co/mP524YeHKu pic.twitter.com/wlL3xlciEQ
— रावण (@raavan_india) March 12, 2026
आड़े-तिरछे मोटिवेशनल भाषण से बटोरी सुर्खियां
वायरल वीडियो में मोटिवेशन देते हुए रंजीत कुमार कहता है,
सफर लंबा होता है, लेकिन सबसे बड़ा आपको लक्ष्य को देखना है कि लक्ष्य कहां पर है. जब लक्ष्य में दिखाई पड़ रहा है बेटा तो मंजिल जरूर आसान मिलेगा. और अगर लक्ष्य दिखाई नहीं पड़ रहा है तो लाख जतन तुम परिश्रम करोगे, कुछ नहीं कर पाओगे. चाहे मम्मी हो, पापा हो, गुरु हो चाहे तुम्हारे मार्गदर्शक हों. जबतक तुम्हारी सोच नहीं बदलेगा…मंजिल को उखाड़ना है मंजिल को लेना है भगवान से ही कह देना, कि प्रभु आप किस्मत लिख नहीं सकते हैं, किस्मत मैं खुद लिखूंगा…इतना मेहनत कर दो बेटा!
पोल खुलते ही अंडरग्राउंड हुआ रंजीत
सोमवार तक रंजीत घूम-घूमकर लोगों को UPSC में अपनी सफलता का बखान करता रहा. फिर कुछ लोगों ने जब इसका पता लगाने के लिए यूपीएससी की आधिकारिक लिस्ट निकालकर उसका नाम चेक किया, तो पता चला कि 440वीं रैंक कर्नाटक के एक एस्पिरेंट रंजीथ की है. शेखपुरा का रंजीत सिर्फ उसके नाम का फायदा उठाकर लोगों को गुमराह कर रहा है. फर्जीवाड़े की पोल खुलते ही रंजीत को लोग फोन करने लगे. यह देख रंजीत ने अपना मोबाइल फोन स्वीच ऑफ कर लिया और गांव छोड़कर भाग गया.
रंजीत का स्वागत करने के लिए पूर्व विधायक विजय यादव सहित कई संगठनों ने भव्य कार्यक्रम आयोजित किये थे. जहां उन्होंने खूब पैसे बहाए. अब फर्जीवाड़ा सामने आते ही रंजीत अंडरग्राउंड हो गया है. फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है.
-भारत एक्सप्रेस
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