फारूक अब्दुल्ला.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. इस हमले में 26 लोगों की मौत के बाद देशभर में आक्रोश है और सरकार पर सख्त कदम उठाने का दबाव बढ़ रहा है.
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने कहा कि आतंकवाद अब बर्दाश्त के बाहर है. उन्होंने कहा, “हम पिछले 35 सालों से आतंकवाद का सामना कर रहे हैं. अब वक्त आ गया है कि इसे जड़ से खत्म किया जाए. हम कब तक इसी तरह दुख मनाते रहेंगे?”
फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा, “आतंकवाद से कैसे निपटना है, ये प्रधानमंत्री अच्छी तरह जानते हैं. अब सरकार को बिना देर किए ठोस कदम उठाने होंगे.”
महबूबा मुफ्ती पर टिप्पणी से इनकार
जब उनसे महबूबा मुफ्ती के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. फारूक ने कहा, “मैं महबूबा जी की बातों पर कुछ नहीं कहूंगा क्योंकि उनका निशाना अक्सर प्रधानमंत्री पर होता है. मैं ऐसा कुछ नहीं कहूंगा. इस समय देश को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना चाहिए.”
वहीं, जब उनसे कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने को लेकर पूछा गया, तो उन्होंने संयम बरतने की सलाह दी. “उन्हें कहना कि थोड़ा धैर्य रखें, सब्र से ही हालात ठीक होंगे,” उन्होंने कहा.
चन्नी ने उठाए थे सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल
चरणजीत सिंह चन्नी ने हाल ही में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए उसके प्रमाण मांगे थे. हालांकि बाद में सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सरकार के साथ खड़ी है और शहीदों के परिवारों को न्याय मिलना चाहिए.
गौरतलब है कि पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में कई निर्दोष नागरिकों की जान गई थी. इस हमले ने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश को हिला कर रख दिया है. जनता अब केंद्र सरकार से कड़े और निर्णायक कदम उठाने की मांग कर रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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