FCI Jammu Iram Saba Exclusive Story- bharat express
FCI Jammu Iram Saba:जम्मू में भारतीय खाद्य निगम (FCI) की एक महिला अधिकारी का कथित तौर पर भारत विरोधी बयान वाला वीडियो सामने आने के बाद मामला जांच के घेरे में आ गया है. वायरल वीडियो में FCI जम्मू में क्वालिटी चेक मैनेजर के पद पर तैनात इरम साबा कश्मीर को लेकर विवादित टिप्पणी करती नजर आ रही हैं. वीडियो में कथित तौर पर उनसे सरकारी नौकरी मिलने और मुख्यधारा में शामिल होने को लेकर सवाल किया गया, जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि नौकरी स्वीकार करना और किसी राजनीतिक मुद्दे पर अपने विचार रखना दो अलग-अलग बातें हैं.
नौकरी स्वीकार करने और राजनीतिक विचारों को अलग बताया
इरम साबा ने कथित तौर पर कहा कि अगर उन्हें अच्छी नौकरी मिलती है तो वह उसे स्वीकार करेंगी, क्योंकि प्रतिरोध आंदोलन का हिस्सा होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति की अपनी जरूरतें खत्म हो जाती हैं. उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपनी आजीविका के लिए काम करने की जरूरत होती है और अच्छी नौकरी मिलने पर उसे स्वीकार किया जा सकता है. हालांकि, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि सरकारी नौकरी मिलने से भारत को लेकर उनके विचारों में बदलाव नहीं आएगा. उन्होंने कश्मीर में भारत की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाते हुए अपने राजनीतिक रुख को दोहराया.
70 हजार मौतों का किया दावा
वायरल वीडियो में इरम साबा ने कथित तौर पर दावा किया कि पिछले 20 वर्षों में कश्मीर में 70 हजार लोगों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि इन लोगों की कथित कुर्बानियों को किसी नौकरी के बदले भुलाया नहीं जा सकता. हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों और बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. वीडियो की परिस्थितियों, उसकी तारीख और पूरे संदर्भ की भी जांच की जानी बाकी है.
FCI ने जांच और कार्रवाई की बात कही
मामला सामने आने के बाद FCI जम्मू के क्षेत्रीय कार्यालय ने भी संज्ञान लिया है. क्षेत्रीय कार्यालय के जनरल मैनेजर I. K. चौधरी ने कहा कि इरम साबा को वीडियो के संबंध में शो-कॉज नोटिस जारी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वीडियो की जांच कराई जाएगी और यदि जांच में महिला अधिकारी दोषी पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
सुरक्षा एजेंसियां भी जुटा रहीं जानकारी
वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के भी मामले पर नजर रखने की बात सामने आई है. एजेंसियां कथित वीडियो के स्रोत, उसके बनाए जाने की परिस्थितियों और महिला कर्मचारी के बयानों के संदर्भ की जानकारी जुटा रही हैं. फिलहाल पूरे मामले में विभागीय जांच और अन्य एजेंसियों की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो का वास्तविक संदर्भ क्या है और महिला अधिकारी के खिलाफ आगे किस तरह की कार्रवाई की जाती है.
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