आगामी केंद्रीय आम बजट की तैयारियों के बीच देश के निवेशकों और शेयर बाजार के लिए बड़ी खबर सामने आई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स (LTCG) और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर जारी देश-दुनिया की बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ किया कि बजट की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, ऐसे में वे इस बात पर सीधी टिप्पणी नहीं कर सकतीं कि टैक्स में क्या बदलाव होगा या क्या नहीं, लेकिन बाजार से आ रहे सुझावों और चिंताओं को सरकार बेहद गंभीरता से सुन रही है.
निवेशकों की चिंताओं और टैक्स व्यवस्था पर बयान
वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि भारत ही नहीं, बल्कि विदेशी निवेशक भी लंबे समय से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर लगातार अपनी राय रख रहे हैं. बाजार में लंबे समय से यह बहस चल रही है कि क्या LTCG और STT दोनों को एक साथ लागू रखना सही है या इनमें से किसी एक को हटाया जाना चाहिए.
निर्मला सीतारमण के अनुसार, बाजार में कर व्यवस्था को लेकर यह स्वस्थ चर्चा बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि दो साल पहले सरकार ने सभी एसेट क्लासेज को टैक्स के मामले में एक समान स्तर पर लाने का प्रयास किया था. उस समय कई लोगों को लगा था कि टैक्स बढ़ाया जा रहा है, जबकि असल मकसद किसी एक खास एसेट में सट्टेबाजी या असमान फायदा उठाने की प्रवृत्ति को रोकना था.
बजट से पहले चर्चा को बताया सकारात्मक
वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता और समानता लाना सरकार की प्राथमिकता रही है. चूंकि अब बजट निर्माण की प्रक्रिया अपने शुरुआती दौर में है, इसलिए वे इस वक्त कोई ठोस वादा करने के बजाय निवेशकों की राय सुनने के लिए अधिक उत्सुक हैं.
शेयर बाजार और बिजनेस जगत के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि वित्त मंत्री का यह बयान दर्शाता है कि आगामी बजट में निवेशकों को राहत देने या टैक्स ढांचे को और अधिक सरल बनाने पर विचार किया जा सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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