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शादी के बंधन में बंधे गौतम अदाणी के बेटे जीत अदाणी, पारंपरिक अंदाज में निभाई गईं भव्य रस्में

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के बेटे जीत अदाणी ने हीरा कारोबारी जैमिन शाह की बेटी दिवा से शादी की, जिसमें पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य आयोजन किया गया.

Jeet Adani and Diva Shah

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के छोटे बेटे जीत अदाणी की शादी बेहद खास रही. उन्होंने हीरा कारोबारी जैमिन शाह की बेटी दिवा के साथ विवाह रचाया. यह शानदार आयोजन अहमदाबाद के बेल्वेडियर क्लब, अदाणी शांतिग्राम टाउनशिप में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ.

गौतम अदाणी ने एक्स पर एक पोस्ट कर अपने बेटे की शादी की जानकारी दी. उन्होंने लिखा – “परमपिता परमेश्वर के आशीर्वाद से जीत और दिवा आज विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए. यह विवाह आज अहमदाबाद में प्रियजनों के बीच पारंपरिक रीति रिवाजों और शुभ मंगल भाव के साथ संपन्न हुआ. यह एक छोटा और अत्यंत निजी समारोह था, इसलिए हम चाह कर भी सभी शुभचिंतकों को आमंत्रित नहीं कर सके, जिसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं. मैं आप सभी से बेटी दिवा और जीत के लिए स्नेह और आशीष का हृदय से आकांक्षी हूं.”

शादी में दिखी भारतीय हस्तकला की झलक

इस भव्य शादी में देश के अलग-अलग हिस्सों के कारीगरों की मेहनत झलक रही थी. शादी की तैयारियों में अनोखे डिजाइन और पारंपरिक कला को शामिल किया गया. मेहमानों को दिए जाने वाले खास उपहारों में हाथ से बनी कलाकृतियां शामिल थीं.

अदाणी परिवार ने दिल्ली स्थित NGO फैमिली ऑफ डिसेबल्ड के साथ साझेदारी की. इस एनजीओ ने शादी के जोड़े के लिए हाथ से पेंट किए गए शॉल तैयार किए. मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने भी इन हस्तकला उत्पादों को और भव्य बनाने में मदद की.

नासिक से आईं खास पैठनी साड़ियां

शादी के मेहमानों के लिए महाराष्ट्र के नासिक से खास पैठनी साड़ियों का ऑर्डर दिया गया था. करीब 400 कारीगरों ने हाथ से बुनी ये साड़ियां तैयार कीं. पैठनी साड़ियां अपनी बारीक कढ़ाई और पारंपरिक डिजाइनों के लिए जानी जाती हैं. इन साड़ियों की कीमत 11 लाख रुपये तक हो सकती है. यह साड़ी खरीदना किसी सपने के पूरे होने जैसा होता है.

गौतम अदाणी ने बेटे की शादी को सादगी भरा रखा, लेकिन इस खास मौके पर 10,000 करोड़ रुपये समाज सेवा के लिए दान किए. यह राशि स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में खर्च की जाएगी. इस पहल के तहत विश्व स्तरीय अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, स्कूल और स्किल एकेडमी का विकास किया जाएगा.

गौतम अदाणी के अनुसार, “सेवा साधना है, सेवा प्रार्थना है और सेवा ही परमात्मा है.” उनका यह योगदान समाज के हर वर्ग को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा.

-भारत एक्सप्रेस



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