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गाजियाबाद हाउसिंग सोसाइटी घोटाला: ED की दिल्ली-गाजियाबाद में छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज

Ghaziabad Housing Society Scam: गाजियाबाद हाउसिंग सोसाइटी भूमि घोटाले में ED ने दिल्ली और गाजियाबाद के कई ठिकानों पर छापेमारी की. एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग और कथित धोखाधड़ी की जांच कर रही है.

Ghaziabad Housing Society Scam

Edited by Sahil Singh

Ghaziabad Housing Society Scam: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने बुधवार (25 जून 2026) को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में दिल्ली और गाजियाबाद स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत की गई.

ईडी के अनुसार, जांच श्रष्ठ प्रोपबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड (Shrasth Propbuild Pvt Ltd) के प्रमोटर संदीप सिंह और सेवा सुरक्षा सहकारी आवास समिति के पदाधिकारियों से जुड़े कथित भूमि एवं आवासीय परियोजना घोटाले से संबंधित है.

क्या है पूरा मामला?

जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपियों ने गाजियाबाद के अकबरपुर बहारमपुर क्षेत्र में स्थित करीब 41,544 वर्गमीटर भूमि के मालिकों और हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों को पुनर्विकास योजना के तहत फ्लैट देने का भरोसा दिया था.

ईडी के मुताबिक, इस आश्वासन के आधार पर सदस्यों से उनकी भूमि और विकास अधिकार अपने पक्ष में करवाए गए. हालांकि बाद में इन विकास अधिकारों का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए सोसाइटी की जमीन और फ्लैटों के कुछ हिस्से बिना अधिकृत अनुमति के तीसरे पक्ष को बेच दिए गए.

मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की जांच

ईडी के मुताबिक, कथित अवैध लेन-देन से बड़ी मात्रा में धन अर्जित किया गया, जिसके आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया है. इसी मामले में जांच आगे बढ़ाई जा रही है. छापेमारी के दौरान एजेंसी ने धोखाधड़ी और पैसों के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच का मकसद यह पता लगाना है कि अवैध धन कहां से आया, उसका इस्तेमाल कैसे किया गया और इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों व संस्थाओं की क्या भूमिका रही.


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जांच जारी, आगे हो सकती है पूछताछ

ईडी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और तलाशी के दौरान बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एजेंसी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में संबंधित लोगों से पूछताछ और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच भी की जा सकती है. अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी से प्राप्त सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है और जांच के अगले चरण में मामले से जुड़े अन्य संभावित लाभार्थियों और सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जाएगी.

-भारत एक्सप्रेस



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