राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया जब एक कार बनास नदी के तेज बहाव में बह गई. इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई और एक बच्चा अब भी लापता है. बताया जा रहा है कि कार ड्राइवर ने रास्ता ढूंढने के लिए गूगल मैप का सहारा लिया लेकिन मैप ने उसे एक ऐसे पुल की ओर भेज दिया जो महीनों से बंद था.
क्या है पूरा मामला?
परिवार भीलवाड़ा जिले के एक धार्मिक स्थल से दर्शन कर लौट रहा था. रात करीब 1 बजकर 30 मिनट पर वैन सोमी-उपरेड़ा पुलिया पर पहुंची जो बनास नदी पर बनी है और काफी समय से बंद थी. ड्राइवर ने पुल पार करने की कोशिश की लेकिन तेज बहाव के कारण वैन फंस गई और फिर बहने लगी.
कार में कितने लोग थे सवार?
कार में कुल नौ लोग सवार थे. जैसे ही कार बहने लगी कुछ लोगों ने खिड़की तोड़कर छत पर चढ़कर जान बचाई. उनमें से एक ने अपने रिश्तेदार को फोन कर घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रश्मि देवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और नाव की व्यवस्था की गई.
तीन शव बरामद
अंधेरे और तेज बहाव के बीच बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा. परिवार के सदस्य मोबाइल की टॉर्च से इशारा करते रहे ताकि बचाव करने वाला दल उन्हें देख सके. लेकिन जब तक मदद पहुंची तब तक दो महिलाएं और दो बच्चे बह चुके थे. इनमें से तीन के शव बरामद कर लिए गए हैं जिसमें चंदा जिसकी उम्र 21 साल है, उसकी बेटी रुतवी, ममता (25) और उसकी बेटी खुशी (4). एक बच्चे की तलाश अब भी जारी है.
सुकड़ी नदी में डूबने से तीन की मौत
इसी दिन जालोर जिले में भी एक और बड़ा हादसा हो गया. बताया जा रहा है कि सुकड़ी नदी में छह युवक डूब गए. तीन के शव मिल चुके हैं बाकी की तलाश जारी है.
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि तकनीक पर पूरी तरह निर्भर होना कितना खतरनाक हो सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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