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गुजरात निकाय चुनाव: अहमदाबाद में पीएम मोदी और अमित शाह डालेंगे वोट, OBC आरक्षण के साथ बदली सत्ता की बिसात

गुजरात में आज स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान हो रहा है. पीएम मोदी और अमित शाह अहमदाबाद में वोट डालेंगे. 15 नगर निगमों और जिला पंचायतों सहित हजारों सीटों पर हो रहा ये चुनाव 27% ओबीसी आरक्षण लागू होने के बाद पहला बड़ा चुनावी परीक्षण है.

Gujarat Local Body Polls PM Modi and Amit Shah to Vote in Ahmedabad

गुजरात में स्थानीय स्वशासन की जड़ों को मजबूत करने के लिए आज रविवार को मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है. ये चुनाव इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इसमें देश के दो सबसे बड़े राजनेता- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वयं अहमदाबाद पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. नगर निगमों, नगरपालिकाओं और पंचायतों के इस चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले का सबसे बड़ा लिटमस टेस्ट माना जा रहा है.

हाई-प्रोफाइल मतदान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अहमदाबाद के रानीप स्थित निशान स्कूल में वोट डालने की उम्मीद है, जो उनका पारंपरिक मतदान केंद्र रहा है. वहीं, गृह मंत्री अमित शाह भी शहर के तय केंद्र पर मतदान करेंगे. केवल येी नहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल थलतेज में और मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल नवसारी में अपना वोट डालकर लोकतांत्रिक कर्तव्य निभाएंगे. बड़े नेताओं की इस भागीदारी ने चुनाव में उत्साह का माहौल बना दिया है.

 क्या है चुनाव का गणित?

राज्य भर में सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा. चुनाव के इस विशाल चक्र में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं.

वहीं, लगभग 50,000 मतदान केंद्रों पर 4.19 करोड़ से अधिक मतदाताओं के मतदान की उम्मीद की जा रही है, जिसमें 20, 000 से भी ज्यादा उम्मीदवार डटे हुए हैं.

बता दें कि चुनाव के नतीजे 28 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे. भाजपा और कांग्रेस के अलावा इस बार आम आदमी पार्टी (आप) और निर्दलीय उम्मीदवारों ने मुकाबले को बहुकोणीय और रोचक बना दिया है.

OBC आरक्षण के साथ बदली चुनावी तस्वीर

पहली बार स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है. अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिलाओं के लिए पहले से मौजूद कोटे के साथ मिलकर इस नए आरक्षण ने स्थानीय प्रशासन की संरचना को एक नया रूप दे दिया है. इसे देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी सोशल इंजीनियरिंग पर खास जोर दिया है.

‘पहले वोट, फिर जलपान’ का नारा

भाजपा के जगदीश विश्वकर्मा ने शनिवार को नागरिकों से रिकॉर्ड मतदान की अपील करते हुए ‘पहले वोट, फिर जलपान’ का नारा दिया. उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय लोकतंत्र की नींव हैं और एक जागरूक नागरिक के तौर पर वोट देना हमारा पवित्र कर्तव्य है. प्रशासन ने भी गर्मी को देखते हुए मतदान केंद्रों पर जरूरी इंतजाम किए हैं ताकि मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.

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-भारत एक्सप्रेस



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