गुजरात की सीबीआई कोर्ट ने दुष्कर्म, अपहरण और पहचान छिपाने के मामले में आरोपी धवल हरीश चंद्र त्रिवेदी को शेष जीवनकाल तक उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने आरोपी पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
यह मामला पहले गुजरात पुलिस के तहत छोटिला पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. पीड़िता के पिता द्वारा हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने मामले को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया. हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने एक मई 2019 को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और केस दर्ज किया.
पॉक्सो मामले में दोषी हैं धवल त्रिवेदी
46 वर्षीय धवल त्रिवेदी पहले ही पॉक्सो और दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया जा चुका था. पैरोल पर बाहर आने के बाद उसने जेल में मिले कैदियों की मदद से अंग्रेजी बोलने की कोचिंग शुरू की और अपनी असली पहचान छिपाते हुए लड़कियों को फंसाने के लिए खुद को एक अमीर व्यक्ति और ज्योतिषी के रूप में प्रस्तुत किया.
करीब अठारह साल छह महीने की पीड़िता को आरोपी ने ज्योतिष के नाम पर बहलाया और मानसिक रूप से प्रभावित किया. कुछ दिनों बाद आरोपी के कहने पर पीड़िता घर छोड़कर भारत के विभिन्न हिस्सों में उसके साथ रही. इस दौरान आरोपी ने बिना सहमति के कई बार शारीरिक संबंध बनाए, पीड़िता के साथ मारपीट की और उसे प्रताड़ित किया. बाद में पीड़िता को आरोपी की असली पहचान का पता चला.
सीबीआई ने 14 अक्टूबर दो हजार बीस को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जबकि 31 मई 2021 को जांच पूरी होने के बाद पूरक चार्जशीट भी दायर की गई. अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया और उसे शेष जीवनकाल तक जेल में रहने की सजा सुनाई.
-भारत एक्सप्रेस
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