ग्वालियर से मनोज चौबे.
Gwalior News: मध्य प्रदेश में ग्वालियर जिला प्रशासन ने अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों पर सख्ती दिखाई है. अब जिले में कोई भी मकान मालिक या संस्थान अपने किराएदारों और कर्मचारियों की पूरी जानकारी 15 दिन के अंदर नजदीकी थाने में जमा करेगा. अगर ऐसा नहीं किया तो 15 दिन बाद प्रशासन खुद सर्वे करेगा और एकतरफा कार्रवाई करेगा.
कलेक्टर ने लागू की बीएनएस की धारा-163
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं. इसके तहत हर मकान मालिक को अपने किराएदार का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र की कॉपी थाने में देनी होगी. इसी तरह फैक्ट्री, दुकान, होटल या कोई भी संस्थान अपने कर्मचारियों की पूरी डिटेल जमा करेगा. यह आदेश जारी होने की तारीख से 2 महीने तक चलेगा.

9 बांग्लादेशी पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने कलेक्टर को रिपोर्ट दी थी कि हाल ही में ग्वालियर शहर में 9 अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए हैं. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. आशंका है कि कई संदिग्ध लोग फर्जी नाम-पते से किराए के मकान या नौकरी करके शहर में छुपे हुए हैं. ये लोग शहर की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं.
उल्लंघन करने पर होगी जेल और जुर्माना
अगर कोई मकान मालिक या संस्थान जानकारी नहीं देता तो उसके खिलाफ बीएनएस की धारा-223 के तहत मुकदमा दर्ज होगा. इसमें सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं. ग्वालियर जोन के आईजी अरविंद सक्सेना ने कहा कि संदिग्ध लोग अवैध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं, इसलिए यह कदम जरूरी है.
SIR पूरा होने के बाद शुरू हुई नई मुहिम
चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रशासन ने बाहरी और संदिग्ध लोगों पर फोकस किया है. प्रशासन का मानना है कि शहर में बाहरी तत्वों की गतिविधियां बढ़ रही हैं, इसलिए किराएदारों की जांच जरूरी हो गई है.
लोगों से अपील – समय पर दें जानकारी
जिला प्रशासन और पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 15 दिन के अंदर पूरी जानकारी थाने में जमा कर दें. इससे शहर की सुरक्षा मजबूत होगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा. प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ सुरक्षा के लिए की जा रही है, आम लोगों को परेशान करने के लिए नहीं.
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