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पहलगाम हमले में पति को खोने वाली हिमांशी निकलीं एल्विश यादव की कॉलेज फ्रेंड, 31वीं कॉल पर हुआ संपर्क

पहलगाम आतंकी हमले में पति को खोने वाली हिमांशी, एल्विश यादव की कॉलेज फ्रेंड निकलीं. एल्विश ने बताया, 31वीं कॉल पर पति से संपर्क हुआ, और हमला चुन-चुन कर किया गया था.

Pahalgam Terror attack ALIVIS YADAV

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस हमले में 26 बेगुनाह लोगों की जान चली गई. इस भीषण घटना के बीच एक कपल की कहानी सोशल मीडिया पर छाई हुई है, जो अपनी शादी के सिर्फ 6 दिन बाद हनीमून के लिए पहलगाम गया था. हमले में पति की मौत हो गई और पत्नी हिमांशी अपने जीवनसाथी के शव के पास बैठी रोती रही. यह तस्वीर और उससे जुड़ी कहानी अब हर किसी की आंखें नम कर रही है.

अब यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी विनर एल्विश यादव ने खुलासा किया है कि हिमांशी उनकी कॉलेज की दोस्त रही हैं. उन्होंने इस दर्दनाक घटना पर अपने व्लॉग के जरिए बात की और बताया कि उन्हें कितनी देर से इस बात का अहसास हुआ कि पीड़िता कोई और नहीं बल्कि उनकी क्लासमेट थी.

“चेहरा जाना-पहचाना लगा…” – एल्विश यादव

एल्विश ने कहा, “मैंने वो वायरल वीडियो देखा जिसमें एक नेवी अफसर की पत्नी बता रही थी कि हम गोलगप्पे खा रहे थे और अचानक हमला हो गया. शुरू में मैंने सिर्फ आवाज सुनी, वीडियो ध्यान से नहीं देखा. जब बाद में मैंने गौर से देखा तो चेहरा बहुत जाना-पहचाना लगा. फिर याद आया कि ये तो मेरी कॉलेज की दोस्त हिमांशी है, हम हंसराज कॉलेज में साथ पढ़ते थे.”

“2018 में आखिरी बार बात हुई थी”

एल्विश ने बताया कि हिमांशी इकनॉमिक्स ऑनर्स में थी और उनकी क्लास के पास ही पढ़ती थी. “हम गुड़गांव से साथ में मेट्रो से कॉलेज जाते थे. बहुत अच्छी दोस्ती थी, लेकिन 2018 के बाद बात नहीं हुई थी,” एल्विश ने बताया.

“31वीं कॉल पर जब जवाब आया…”

व्लॉग में एल्विश ने कहा कि उन्होंने हिमांशी को कॉल नहीं किया, क्योंकि वो समझ सकते थे कि वो किस मानसिक हालत में होंगी. इसलिए उन्होंने एक और पुरानी दोस्त दीपांशी को फोन किया, जो हिमांशी के करीब थी. “जैसे ही मैंने कहा कि मैं एल्विश बोल रहा हूं, उसने तुरंत कहा – हां, हिमांशी है. उस वक्त मेरा दिल बैठ गया.

दीपांशी ने बताया कि हिमांशी ने अपने पति को फोन पर 30 बार कॉल किया, और 31वीं बार कॉल उठी. तब वह जोर-जोर से रोने लगी और सब कुछ साफ हो गया. हिमांशी ने खुद बताया कि आतंकियों ने धर्म पूछकर चुन-चुनकर हमला किया. यह वही सच्चाई है जिसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बहसें चल रही हैं.

“इंसानियत की बात करो, राजनीति बाद में” – एल्विश यादव

एल्विश ने कहा, “आज कुछ लोग इस घटना पर भी राजनीति कर रहे हैं. कोई कह रहा है कि मोदी सरकार की गलती है, कोई प्रोपेगेंडा बता रहा है. लेकिन आज राजनीति की नहीं, इंसानियत की जरूरत है. किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना पति – क्या अब भी हम धर्म और राजनीति देखेंगे?”

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-भारत एक्सप्रेस



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