प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक आह्वान पर शुरू हुआ ‘एक पेड़ मां के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) अभियान एक देशव्यापी मिशन का रूप ले चुका है. इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐतिहासिक मेगा वृक्षारोपण अभियान ‘मिशन 70 लाख प्लांटेशन’ की शुरुआत की है. गृह मंत्री ने दिल्ली के सेंट्रल रिज और नानकपुरा रिज क्षेत्रों में स्वयं पौधा रोपकर इस महत्वाकांक्षी अभियान और ‘दिल्ली रिज पुनरुद्धार अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया.
गांधीनगर के सरखेज वार्ड में ‘सामूहिक वृक्षारोपण’ अभियान में सम्मिलित होकर पौधारोपण किया।
આજે વેજલપુર વિધાનસભાના સરખેજ વોર્ડમાં વૃક્ષારોપણ અભિયાનમાં સહભાગી થઈને વૃક્ષારોપણ કર્યું. વૃક્ષારોપણ વિકસિત ભારત 2047ના હરિત સંકલ્પનો મજબૂત પાયો છે. આર્ટિફિશિયલ ઇન્ટેલિજન્સ સાથે ગ્રીન… pic.twitter.com/Ov5CiNhkvj
— Amit Shah (@AmitShah) July 12, 2026
गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात की राजधानी गांधीनगर के थलतेज वार्ड में वृक्षारोपण किया. जिसकी तस्वीरें उन्होंने खुद शेयर कीं. वहीं, उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर दिल्ली के लिए चलाए जा रहे हरित अभियान की जानकारी भी दी. उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार मिलकर अगले चार वर्षों में रिज क्षेत्र के 6,300 हेक्टेयर से अधिक भूभाग को घने जंगलों में तब्दील करेगी और इसे कानूनी संरक्षण भी प्रदान किया जाएगा. गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले 3 वर्षों में इस क्षेत्र से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कंटीले और जहरीले पेड़ों (जैसे विलायती कीकर) को चरणबद्ध तरीके से हटाकर पीपल, बरगद, नीम, गूलर, अर्जुन और जामुन जैसी देशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे, जो 100 से अधिक वर्षों तक जीवित रहते हैं. यह पहल दिल्ली को उसके प्राकृतिक ‘फेफड़े’ (Green Lungs) वापस लौटाने का काम करेगी.
इसके साथ ही, गृह मंत्री ने देश की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPFs) की एक अभूतपूर्व पर्यावरण उपलब्धि की भी सराहना की. उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि अर्धसैनिक बलों ने पिछले 7 वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में कुल 7 करोड़ से अधिक पौधे रोपने का अपना ऐतिहासिक लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो सुरक्षा के साथ-साथ प्रकृति के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है. दिल्ली में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष ‘ग्रीन ड्राइव पोर्टल’ भी लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से निवासी मुफ्त पौधे प्राप्त कर सकते हैं.
वृक्षारोपण के मानव सभ्यता के लिए अनेक फायदे
ऑक्सीजन की प्रचुरता और वायु शुद्धि: पेड़ हमारे पर्यावरण के प्राकृतिक शोधक हैं. ये हवा से जहरीली गैसों और धूल के कणों को सोखकर हमें प्रचुर मात्रा में जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार होता है.
भूजल स्तर में सुधार: पेड़ों की जड़ें वर्षा जल को जमीन के भीतर धीरे-धीरे रिसने में मदद करती हैं. इससे जल का बहाव थमता है और भूजल स्तर (Groundwater Level) तेजी से रिचार्ज होता है, जिससे पानी का संकट टलता है.
ग्लोबल वार्मिंग और तापमान पर नियंत्रण: तेजी से बढ़ते वैश्विक तापमान को नियंत्रित करने में हरियाली की सबसे बड़ी भूमिका है. घने पेड़ सूर्य की हानिकारक किरणों और गर्मी को सोखकर स्थानीय तापमान को 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम रखते हैं.
मिट्टी के कटाव पर रोक: तेज बारिश या बाढ़ के समय पेड़ों की मजबूत जड़ें मिट्टी को आपस में कसकर बांधे रखती हैं, जिससे हवा और पानी के कारण होने वाला उपजाऊ मिट्टी का क्षरण (Soil Erosion) पूरी तरह रुक जाता है.
जैव विविधता को आश्रय: एक विशाल पेड़ सैकड़ों तरह के पक्षियों, कीट-पतंगों, गिलहरियों और छोटे जीवों का प्राकृतिक आश्रय स्थल (घर) होता है. अधिक पेड़ लगाने से हमारा पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) संतुलित और समृद्ध रहता है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




