Bihar Boat Accident: बिहार के पटना जिले के बाढ़ क्षेत्र से गुरुवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां के प्रसिद्ध उमानाथ गंगा घाट के पास बीच नदी में किसानों और मजदूरों से भरी एक छोटी नाव अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई. इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनके शव नदी से बाहर निकाल लिए गए हैं. वहीं कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में प्रशासन और गोताखोरों की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. हादसे के बाद से ही गंगा घाट पर कोहराम मचा हुआ है और पीड़ितों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
तेज हवा और ओवरलोडिंग बनी काल
ये पूरी घटना सुबह उस वक्त हुई जब बिंद टोली इलाके के करीब 14 लोग एक छोटी नाव पर सवार होकर समस्तीपुर जिले के सुल्तानपुर दियारा क्षेत्र में जा रहे थे. ये सभी स्थानीय किसान और मजदूर थे, जो रोजाना की तरह दियारा में परवल की फसल तोड़ने और खेती-बारी के काम के लिए निकले थे. स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाव काफी छोटी थी और उस पर क्षमता से ज्यादा लोग सवार हो गए थे. जैसे ही नाव उमानाथ गंगा घाट के सामने बीच नदी में पहुंची, तभी अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलने लगीं. पानी की तेज लहरों और ओवरलोडिंग के कारण नाव अपना संतुलन खो बैठी और देखते ही देखते पूरी की पूरी नाव गंगा नदी में समा गई.
चीख-पुकार सुनकर दौड़े नाविक
नाव पलटते ही बीच नदी में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई. घाट पर मौजूद अन्य नाविकों और स्थानीय लोगों ने जैसे ही लोगों को डूबते और मदद के लिए चिल्लाते देखा, उन्होंने बिना एक पल गंवाए हिम्मत दिखाई. घाट से कई नाविक अपनी-अपनी नावें लेकर तुरंत बीच नदी की तरफ दौड़ पड़े. स्थानीय लोगों की मुस्तैदी और तत्परता की वजह से पानी में डूब रहे सात लोगों को समय रहते सकुशल बाहर निकाल लिया गया, जिससे कई जानें बच गईं. हालांकि, तीन लोग खुद को संभाल नहीं पाए और गहरे पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई, जिनमें एक महिला और एक युवक शामिल हैं.
मौके पर पहुंचा भारी प्रशासनिक अमला
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत एक्शन में आया. हादसे की सूचना मिलते ही बाढ़ की एसडीएम गरिमा लोहिया, एसडीपीओ रामकृष्ण, थानाध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह और अंचलअधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. इसके कुछ ही देर बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी त्यागराजन और ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार भी उमानाथ गंगा घाट पहुंचे.
प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कराया और एसडीआरएफ (SDRF) तथा आपदा प्रबंधन की टीमों को पानी में उतारा गया. पटना और समस्तीपुर का जिला प्रशासन संयुक्त रूप से यह रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है. नदी में डूबे तीन लोगों के शवों को बरामद कर लिया गया है, जबकि लापता बाकी चार लोगों की तलाश के लिए नदी में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
पेट की आग और मजबूरी का सफर
घाट पर मौजूद लोगों ने बताया कि इस पूरे इलाके में प्रतिदिन लाखों रुपये का सब्जी व्यापार होता है. किसानों और सब्जी विक्रेताओं के बीच मंडियों में सबसे पहले ताजी सब्जी पहुंचाने की होड़ लगी रहती है. लेकिन नदी पार करने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षित साधनों का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है. लोग पेट पालने और खेती के लिए जान जोखिम में डालकर इन छोटी नावों पर क्षमता से ज्यादा सवार होने को मजबूर होते हैं. अक्सर इस तरह के हादसे सामने आते हैं, मगर अब तक सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए गए, जिसका खामियाजा आज तीन परिवारों को भुगतना पड़ा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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