भारत का MKV सिस्टम—DRDO की नई तकनीक MIRV nuclear missiles को रोककर missile defense को देगा नई ताकत।
भारत अपनी रक्षा प्रणाली को नए आयाम पर ले जाने की तैयारी में है. दुश्मन देशों की घातक MIRV (Multiple Independently targetable Reentry Vehicle) मिसाइलों से निपटने के लिए अब DRDO एक हाईटेक सिस्टम पर काम कर रहा है, जिसे ‘मल्टीपल किल व्हीकल’ यानी MKV नाम दिया गया है. इस तकनीक के विकसित होने से भारत की मिसाइल डिफेंस पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और सक्षम हो जाएगी.
क्यों है खास ?
MIRV मिसाइलें आम बैलिस्टिक मिसाइलों (Ballistic missiles) से बिल्कुल अलग होती हैं. जहां एक सामान्य मिसाइल एक ही वॉरहेड लेकर आती है, वहीं MIRV मिसाइलें 2 से 10 या उससे भी अधिक परमाणु वॉरहेड (Nuclear Warheads) को लेकर उड़ती हैं. ये सभी वॉरहेड एक खास ऊंचाई पर पहुंचकर अलग-अलग दिशाओं में अलग-अलग टारगेट (Target) की ओर बढ़ते हैं. ऐसे में यह एक अकेली मिसाइल नहीं होती जिसे रोका जाए बल्कि एक साथ आने वाली कई परमाणु (Nuclear) हमलों से बचाव की चुनौती बन जाती है.
MKV सिस्टम गेमचेंजर हो सकता साबित
यहीं पर MKV सिस्टम गेमचेंजर साबित हो सकता है. यह एक ऐसा इंटरसेप्टर (Interceptor) है जो अपने साथ कई किल व्हीकल लेकर उड़ता है और हर एक वॉरहेड (Warhead) को अलग-अलग टारगेट करके नष्ट कर सकता है. यानी MIRV के जितने वॉरहेड होंगे, MKV उतने इंटरसेप्शन कर सकता है.
हवाई सुरक्षा होगी चुस्त !
इस सिस्टम की तैनाती के बाद भारत की हवाई सुरक्षा (Air Defense) और मिसाइल डिफेंस (Missile Defense) पहले से कहीं ज़्यादा चुस्त और अभेद्य हो जाएगी. भारत जैसे परमाणु-संवेदनशील क्षेत्र के लिए यह तकनीक एक बड़ी सुरक्षा उपलब्धि मानी जाएगी. DRDO की ये पहल न सिर्फ भारत की सामरिक ताकत को बढ़ाएगी, बल्कि दुश्मन देशों को यह सख्त संदेश भी देगी कि भारत अब किसी भी प्रकार की मिसाइल (Missile) चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





